– विधायकों की गैरहाजिरी, देरी से पहुंचे सांसद
– अध्यक्ष मोनिका यादव से नाराजगी खुलकर आई सामने
फर्रुखाबाद। जिला पंचायत की आखिरी बोर्ड बैठक में राजनीतिक असंतोष खुलकर सामने आया। बैठक में कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ, जिससे सत्ताधारी दल के भीतर चल रही खींचतान की तस्वीर साफ दिखाई दी। बैठक में सांसद मुकेश राजपूत औपचारिक रूप से पहुंचे जरूर, लेकिन वे करीब डेढ़ घंटे की देरी से आए, जिसे राजनीतिक हलकों में सामान्य नहीं माना जा रहा।
अध्यक्ष से नाराज भाजपा खेमा
सूत्रों के अनुसार, जिले की पूरी भाजपा इकाई जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव से नाराज बताई जा रही है। आरोप है कि जिला पंचायत में बीते कार्यकाल के दौरान लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आए, जिससे जनप्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ता गया। यही कारण रहा कि आखिरी बोर्ड बैठक में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी।
भ्रष्टाचार के आरोपों से बढ़ी तल्खी
बताया जा रहा है कि विकास कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक फैसलों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं मुद्दों पर जनप्रतिनिधि खुलकर नाराज दिखे और बैठक से दूर रहकर अप्रत्यक्ष विरोध दर्ज कराया।
इसी बीच राजनीतिक गलियारों में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खास तौर पर सांसद मुकेश राजपूत के भतीजे राहुल राजपूत के पंचायत चुनाव में उतरने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। यदि यह चर्चा हकीकत में बदलती है, तो जिला पंचायत की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आखिरी बोर्ड बैठक में विधायकों की गैरमौजूदगी और सांसद की देरी साधारण संयोग नहीं, बल्कि संगठन के भीतर चल रही असहमति का संकेत है। आने वाले दिनों में यह नाराजगी किस दिशा में जाएगी, यह पंचायत चुनाव की तस्वीर साफ होने के साथ ही स्पष्ट हो जाएगा।फिलहाल जिला पंचायत की यह बैठक कम फैसलों और ज्यादा सियासी संकेतों के लिए याद की जा रही है।

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