नोएडा। दिल्ली-एनसीआर से सटे नोएडा में मौसम और पर्यावरण ने मिलकर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक ओर घने कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, वहीं दूसरी ओर प्रदूषण ने भी गंभीर स्तर छू लिया। हालात ऐसे हैं कि शहर के कई सेक्टरों में हवा “बेहद खराब” से “गंभीर” श्रेणी में दर्ज की गई है।
सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई इलाकों में विजिबिलिटी काफी कम दर्ज की गई, जिससे दुपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को खासा सतर्क होकर चलना पड़ा। ऑफिस जाने वाले लोग और स्कूल वाहन भी प्रभावित नजर आए।
प्रदूषण की स्थिति और भी चिंताजनक रही। नोएडा का औसत AQI 385 तक पहुंच गया, जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। अलग-अलग इलाकों में स्थिति इस प्रकार रही—
सेक्टर 62 : AQI 360
सेक्टर 1 : AQI 417 (गंभीर श्रेणी)
सेक्टर 116 : AQI 379
सेक्टर 125 : AQI 384
वहीं ग्रेटर नोएडा में भी हालात ज्यादा बेहतर नहीं दिखे—
नॉलेज पार्क-3 : AQI 327
नॉलेज पार्क-5 : AQI 377
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण बुजुर्गों, बच्चों, दमा और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और सिरदर्द जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने, मास्क का उपयोग करने और सुबह-शाम खुले में टहलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
कुल मिलाकर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोहरे और प्रदूषण की यह दोहरी मार जनजीवन को प्रभावित कर रही है। यदि मौसम और हवा की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।





