चंदौली। प्रदेश के चंदौली जिले में आज न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने चंदौली पहुंचकर इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिले को आधुनिक और सुलभ न्यायिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
कार्यक्रम में अरुण भंसाली, मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से आए 23 सदस्यीय मुख्य न्यायाधीशों के पैनल की मौजूदगी ने आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दी।
भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन न्याय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं जन-सुलभ बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे एक ही परिसर में विभिन्न न्यायिक सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आम वादकारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
थोड़ी देर में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी थोड़ी देर में पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इंटीग्रेटेड कोर्ट भवन के निर्माण से चंदौली जिले में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण में मदद मिलेगी। अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम नागरिकों को एक ही स्थान पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। माना जा रहा है कि यह परियोजना पूर्वांचल क्षेत्र में न्यायिक अधोसंरचना को नई मजबूती प्रदान करेगी।
कार्यक्रम को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है और इसे चंदौली के विकास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।






