कोरबा: कोरबा जिले में शुक्रवार को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कुसमुंडा खदान में हुए एक भीषण औद्योगिक हादसे (industrial accidents) में एक मजदूर की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने बड़े पैमाने पर खनन कार्यों में सुरक्षा उपायों पर एक बार फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा खुली खदान में नियमित काम के दौरान हुआ, जब एक हाइड्रोलिक मशीन का सिलेंडर अचानक फट गया, जिससे साइट पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के समय मशीन पर छह मजदूर काम कर रहे थे। वदराफनगर निवासी संजय कुमार (23) की मौके पर ही गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई। वह चार बहनों में इकलौता भाई था, इस जानकारी ने शोक संतप्त परिवार के दुख को और गहरा कर दिया है। दोनों घायल मजदूरों को तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। विस्फोट के कारण खदान परिसर में दहशत फैल गई, जिसके चलते आपातकालीन उपाय किए जाने तक काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
मृतक के परिवार और सहकर्मियों ने ठेकेदार कंपनी नीलकंठ पर गंभीर आरोप लगाते हुए उस पर लापरवाही और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न करने का आरोप लगाया है। श्रमिक प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल और उपकरण निरीक्षण का सख्ती से पालन किया गया होता तो इस त्रासदी को टाला जा सकता था।
उन्होंने निष्पक्ष और गहन जांच के साथ-साथ पीड़ित परिवार के लिए पर्याप्त मुआवजे की मांग की है। घटना की पुष्टि करते हुए दर्री के सीएसपी विमल पाठक ने बताया कि नीलकंठ के ठेके के तहत कुसमुंडा खदान में काम के दौरान एक मजदूर की जान चली गई। उन्होंने कहा, “मामले की जांच चल रही है और घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”


