जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
गोंडा| बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के एक वार्ड में चूहों की मौजूदगी का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। अस्पताल परिसर में चूहों के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाते हुए प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखे सवाल उठाए हैं। इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी वीडियो साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चूहों का वीडियो पोस्ट करते हुए स्वास्थ्य मंत्री पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में ‘मूषकराज’ को देखकर कहीं स्वास्थ्य मंत्री को खांसी न आ जाए, लेकिन खांसने से पहले यह जरूर सोच लें कि कहीं कोई गलती से उन्हें अपने खास लोगों द्वारा बनाया गया सीरप पीने को न दे दे। उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
कांग्रेस नेताओं ने भी वीडियो साझा करते हुए कहा कि अस्पतालों में इस तरह की गंदगी और चूहों की मौजूदगी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है, जिससे मरीजों की जान को खतरा है। वहीं आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही का गंभीर मामला बताया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसे 48 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।






