लखनऊ| ईरान में लगातार बदलते और बिगड़ते हालात की खबरों के बीच अवध क्षेत्र के कई घरों में चिंता, बेचैनी और डर का माहौल बना हुआ है। नौकरी, पढ़ाई और जियारत के लिए ईरान गए लोगों से संपर्क टूटने के कारण परिजन अनहोनी की आशंका से घिरे हुए हैं। मोबाइल की हर घंटी पर उम्मीद बंधती है, लेकिन स्क्रीन की खामोशी डर को और गहरा कर रही है।
शहर के निवासी अमीर अब्बास जैदी के बेटे अलमदार अब्बास जैदी पिछले दस वर्षों से ईरान में एक टीवी चैनल में एंकर के रूप में कार्यरत हैं। अमीर अब्बास के अनुसार, पांच दिन पहले वीडियो कॉल पर आखिरी बार बेटे से बातचीत हुई थी। उस दौरान अलमदार ने हालात को लगभग सामान्य बताया था और खुले बाजार तथा चलते ट्रैफिक के दृश्य भी दिखाए थे। उसने यह भी कहा था कि कुछ स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। इसके बाद से बेटे से कोई संपर्क नहीं हो सका है। अमीर अब्बास और उनके भाई शाहकार जैदी लगातार बेटे की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
इसी तरह शहर की नूरिया अंसारी बताती हैं कि उनके पति की खाला जियारत के लिए पिछले महीने ईरान गई थीं। एक सप्ताह पहले बातचीत में उन्होंने कहा था कि हालात उतने खराब नहीं हैं, जितना टीवी चैनलों में दिखाया जा रहा है। इसके बाद चार दिनों से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार सुबह-शाम फोन लगा रहा है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा।
मोहम्मद शब्बीर के अनुसार उनकी बहन और बहनोई भी ईरान में रहते हैं। चार दिन पहले बातचीत हुई थी, तब उन्होंने हालात थोड़े खराब लेकिन काबू में होने की बात कही थी। इसके बाद फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद होने की सूचना मिली और तभी से उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया है। भारत सरकार की एडवाइजरी के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है और सभी लोग अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
मौलाना कमरुल हसन के मुताबिक, शहर और आसपास के जिलों से हर साल बड़ी संख्या में लोग ईरान और इराक जियारत के लिए जाते हैं, जबकि कई परिवारों के बच्चे वहां पढ़ाई भी कर रहे हैं। अनुमान है कि अवध क्षेत्र के करीब 500 लोग इस समय ईरान में फंसे हो सकते हैं। मजलिसों और धार्मिक आयोजनों में लगातार सभी की सलामती के लिए दुआएं की जा रही हैं और लोगों की निगाहें भारत सरकार के संभावित रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं।
ईरान के हालात का असर जियारत पर भी साफ नजर आ रहा है। जीबी टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक जफर असकरी के अनुसार 19 जनवरी को 21 जायरीन का जत्था ईरान-इराक जियारत के लिए रवाना होना था, लेकिन हालात ठीक न होने के कारण ईरान का वीजा नहीं मिल पा रहा है। सभी जायरीन भुगतान कर चुके हैं और असमंजस की स्थिति में हैं। वहीं, मेहंदी टूर एंड ट्रैवल्स के मालिक अकील जाफर बताते हैं कि दो जत्थों में करीब 80 जायरीन की बुकिंग है, लेकिन मौजूदा हालात में यात्रा संभव हो पाएगी या नहीं, कहना मुश्किल है।
ईरान में हालात सामान्य होने की खबर ही फिलहाल इन परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत होगी। तब तक हर घर में इंतजार, बेचैनी और दुआ ही सहारा बनी हुई है।






