कानपुर: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में 14 वर्षीय लड़की के अपहरण और बलात्कार (kidnapping and rape) से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में कथित आरोपियों में से एक उत्तर प्रदेश पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताया जा रहा है। घटना कथित तौर पर 5 जनवरी, 2026 की रात को घटी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पाया है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है।
तदनुसार, एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। 10 जनवरी, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता को 5 जनवरी, 2026 की रात उसके घर के पास से अगवा कर लिया गया था। उसे रेलवे लाइन के पास एक जगह ले जाया गया, जहां दो व्यक्तियों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।
खबरों के मुताबिक, परिवार के सदस्य पीड़िता को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भीमसेन पुलिस चौकी ले गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से लौटा दिया। इसके बाद, परिवार साचेंडी पुलिस स्टेशन गया, जहां अज्ञात कार सवारों के खिलाफ अपहरण और बलात्कार का एफआईआर दर्ज किया गया।


