बिना रेट लिस्ट छोटे-बड़े वाहनों से मनमाना शुल्क, श्रद्धालुओं की शिकायत पर हरकत में आया प्रशासन

एडीएम न्यायिक ने ठेकेदार की लगाई फटकार, रेट लिस्ट लगाने की दी चेतावनी

फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया में वाहन स्टैंड पर ठेकेदार द्वारा की जा रही कथित अवैध वसूली ने गुरुवार को गंभीर रूप ले लिया। श्रद्धालुओं का सब्र उस समय टूट गया, जब उनसे छोटे और बड़े वाहनों के नाम पर मनमाने ढंग से शुल्क वसूला जाने लगा। बिना रेट लिस्ट और बिना तय नियमों के की जा रही इस वसूली को लेकर मेला परिसर में भारी नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु विरोध जताते हुए मेला कार्यालय पहुंच गए।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि वाहन स्टैंड का ठेका लेने वाले गोपाल सिंह ने जानबूझकर पहले से लगी निर्धारित शुल्क की रेट लिस्ट को फाड़ दिया था, ताकि तय दरों के अनुसार रसीद न काटनी पड़े। रेट लिस्ट हटते ही ठेकेदार और उसके कर्मचारी वाहन चालकों से मनचाही रकम वसूलने लगे। किसी से कम तो किसी से अधिक धनराशि ली जा रही थी, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम और आक्रोश दोनों की स्थिति बन गई।
बताया गया कि कार, बाइक, ऑटो और अन्य वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क वसूला जा रहा था, लेकिन कहीं भी यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि निर्धारित दर क्या है। मजबूरी में श्रद्धालुओं को अधिक पैसे देने पड़े। कई श्रद्धालुओं ने जब इसका विरोध किया तो कर्मचारियों द्वारा टालमटोल और दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और श्रद्धालुओं ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रद्धालुओं ने मेला कार्यालय पहुंचकर प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि धार्मिक मेले में इस प्रकार की खुली लूट न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंचाती है। श्रद्धालुओं ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। अपर जिला अधिकारी (न्यायिक) दिनेश कुमार, क्षेत्राधिकारी अमरपाल सिंह, मेला थाना प्रभारी भोलेंद्र चतुर्वेदी और मेला लिपिक संजय मिश्रा ने संयुक्त रूप से बैठक कर पूरे मामले की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान एडीएम न्यायिक ने वाहन स्टैंड ठेकेदार गोपाल सिंह को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि मेले में किसी भी प्रकार की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि वाहन स्टैंड पर निर्धारित शुल्क की रेट लिस्ट तत्काल बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लगाई जाए तथा उसी के अनुसार रसीद काटी जाए। इसके साथ ही मेला अनाउंसमेंट कार्यालय से लगातार वाहन स्टैंड शुल्क की घोषणा कराई गई, ताकि श्रद्धालु जागरूक रहें और कोई भी व्यक्ति तय दर से अधिक धनराशि न दे।
प्रशासन ने साफ कर दिया कि यदि भविष्य में अवैध वसूली की कोई भी शिकायत सामने आती है तो ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहन स्टैंड का ठेका तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस और मेला प्रशासन को वाहन स्टैंड पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन की सख्ती के बाद वाहन स्टैंड पर कुछ हद तक व्यवस्था सुधरती दिखाई दी, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि केवल चेतावनी से काम नहीं चलेगा। पूरे मेले की अवधि में नियमित निगरानी और औचक जांच जरूरी है, ताकि दोबारा इस तरह की अवैध वसूली न हो सके।
कुल मिलाकर वाहन स्टैंड पर अवैध वसूली का मामला मेला रामनगरिया की व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की चेतावनी के बाद व्यवस्था वास्तव में सुधरती है या फिर श्रद्धालुओं को दोबारा इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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