वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचाने वाला एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार अमेरिका ने 75 देशों के नागरिकों के लिए वीज़ा प्रोसेसिंग को अनिश्चितकाल के लिए फ्रीज़ कर दिया है। इस फैसले का असर नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा श्रेणियों—जैसे टूरिस्ट, स्टूडेंट और बिज़नेस वीज़ा—पर पड़ सकता है।
एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देश प्रभावित
बताया जा रहा है कि इस फैसले से प्रभावित देशों में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ईरान, इराक, सीरिया, यमन, रूस, मिस्र, सूडान, सोमालिया, ब्राज़ील, कोलंबिया, नाइजीरिया, नेपाल, थाईलैंड, मोरक्को, क्यूबा, इथियोपिया, घाना, तंज़ानिया, उज्बेकिस्तान सहित कई अफ्रीकी, यूरोपीय और लैटिन अमेरिकी देशों के नागरिक शामिल हैं।
इन देशों से हर साल लाखों लोग पढ़ाई, पर्यटन और व्यापार के उद्देश्य से अमेरिका जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक सुरक्षा हालात को देखते हुए लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिशों के आधार पर वीज़ा स्क्रीनिंग और प्रोसेसिंग को अस्थायी रूप से रोकने की बात कही जा रही है।छात्रों, पर्यटकों और कारोबारियों पर पड़ेगा असर।
इस फैसले से लाखों वीज़ा आवेदन अटकने की आशंका जताई जा रही है।
हजारों छात्रों की उच्च शिक्षा की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं
पर्यटक पहले से बुक की गई यात्राओं को लेकर असमंजस में हैं
कारोबारी और निवेशक मीटिंग्स और व्यापारिक योजनाएं स्थगित करने को मजबूर हो सकते हैं।
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अमेरिका और प्रभावित देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। कई देश इसे भेदभावपूर्ण कदम के रूप में भी देख सकते हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले पर व्हाइट हाउस की औपचारिक पुष्टि और अमेरिकी विदेश विभाग (स्टेट डिपार्टमेंट) की विस्तृत अधिसूचना का इंतज़ार किया जा रहा है। आधिकारिक बयान आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह रोक कितने समय तक लागू रहेगी और किन-किन वीज़ा श्रेणियों पर पूरी तरह प्रभाव पड़ेगा।


