गार्ड ऑफ ऑनर व शस्त्र सलामी के साथ दी गई अंतिम विदाई
फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद जनपद के मोहम्मदाबाद ब्लॉक स्थित उदासी गांव में बुधवार की रात उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवान सुखवेंद्र यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। जवान का लखनऊ में ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया था। जैसे ही शहीद सपूत का शव गांव पहुंचा, पूरा गांव गम और सन्नाटे में डूब गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में ड्यूटी के दौरान सुखवेंद्र यादव की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। जवान के निधन की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

बुधवार तड़के सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर शशांक साहू जवान का पार्थिव शरीर लेकर उनके पैतृक गांव उदासी पहुंचे। गांव पहुंचते ही सीआरपीएफ के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और शस्त्र सलामी के साथ वीर जवान को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान ग्रामीणों की आंखें नम रहीं और हर कोई देश के इस सपूत को नम आंखों से विदाई देता नजर आया।
इसके उपरांत गांव के श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान के पुत्र अरुण ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य अत्यंत हृदयविदारक था। जवान की मां तारा देवी, पत्नी सरिता और पुत्री संध्या का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा रहा।
बताया गया कि सुखवेंद्र यादव के पिता का निधन दो वर्ष पूर्व हो चुका था, जिसके बाद वे परिवार का मजबूत सहारा बने हुए थे। उनके बड़े भाई सर्वेंद्र यादव भी सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जवान के निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
गांववासियों ने सुखवेंद्र यादव को एक अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्त जवान बताया। उनके असामयिक निधन से गांव ने अपना एक गौरवशाली सपूत खो दिया है। अंतिम विदाई के समय हर आंख नम थी और हर जुबां पर बस एक ही बात—देश सेवा में समर्पित जवान को सलाम।


