रांची: झारखंड के रांची (Ranchi) से लापता हुए दो बच्चों (missing children) को 12 दिन बाद रामगढ़ से बचाया गया। इस खोज में दो स्थानीय युवकों की सूझबूझ ने अहम भूमिका निभाई।अंश और अंशिका 2 जनवरी से रांची के धुर्वा से लापता थे। उनकी तलाश में न सिर्फ रांची पुलिस बल्कि कई राज्यों की पुलिस भी जुटी थी। पुलिस ने दोनों बच्चों के बारे में जानकारी देने वाले को 51,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, कई दिन बीत जाने और कोई सूचना न मिलने के बाद इनाम बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया था।
इसी बीच, कुख्यात आज़ाद गिरोह के राहुल सिंह ने भी सोशल मीडिया पर बच्चों को ढूंढने वाले को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। साथ ही, विपक्ष बच्चों को ढूंढने में कोई प्रगति न होने के कारण सरकार पर भारी दबाव बना रहा था। अंश और अंशिका के लापता होने के विरोध में कई प्रदर्शन हुए और सरकार एवं पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए गए।
रामगढ़ के राजरप्पा जिले के अहमदनगर निवासी सचिन और डब्लू ने बच्चों की पहचान एक दंपत्ति से की। उन्होंने तस्वीरें खींचीं और लापता बच्चों के पोस्टर में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। जब परिवार ने पुष्टि की कि वे वाकई लापता अंश और अंशिका हैं, तो उन्होंने राजरप्पा पुलिस को पूरी बात बताई। दस मिनट के भीतर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, अंश और अंशिका को बचाया और बच्चों के साथ मिले दंपति को हिरासत में ले लिया। सभी को रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने बताया, “अंश और अंशिका को सुरक्षित बचा लिया गया है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है क्योंकि बच्चे उनके साथ थे।”


