नई दिल्ली। देश की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा बदलाव आज से लागू हो गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का पता अब बदल गया है। आज से प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही लगभग 1947 से साउथ ब्लॉक में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय का इतिहास समाप्त हो गया है।
अब प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ-1’ भवन में संचालित होगा, जो सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। यह नया परिसर आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत प्रशासनिक ढांचे को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है—सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय स्थापित किया गया है।सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिव का कार्यालय संचालित होगा।
सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का कार्यालय स्थानांतरित किया गया है।
इस बदलाव से प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के बीच समन्वय और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गौरतलब है कि 1947 से अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में संचालित होता रहा है। साउथ ब्लॉक भारतीय शासन व्यवस्था का ऐतिहासिक केंद्र रहा है, लेकिन बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों और आधुनिक कार्यसंस्कृति को ध्यान में रखते हुए कार्यालय को नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है।
प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी
अधिकारियों के अनुसार, ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और सुव्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध कराए गए हैं। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय के नए पते के साथ ही दिल्ली के प्रशासनिक नक्शे में भी एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह बदलाव न केवल प्रतीकात्मक है, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




