7 C
Lucknow
Tuesday, January 13, 2026

केजीएमयू में हंगामे पर एफआईआर न होने से उबाल, आंदोलन की चेतावनी

Must read

लखनऊ| राजधानी स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में शुक्रवार को हुए हंगामा-प्रदर्शन के मामले में अब तक एफआईआर दर्ज न होने से चिकित्सकों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मुद्दे को लेकर केजीएमयू के चिकित्साकर्मियों ने सोमवार को अहम बैठक बुलाई है, जिसमें आंदोलन का एलान किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा हुआ तो चिकित्सा सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

बताया गया है कि शुक्रवार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के केजीएमयू पहुंचने के बाद उनके समर्थकों और हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक कुलपति कार्यालय बाहरी लोगों के कब्जे में रहा, जिससे प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। केजीएमयू प्रशासन का आरोप है कि हंगामे के दौरान तोड़फोड़ की गई और कुलपति का सीयूजी मोबाइल फोन भी गुम हो गया।

मामले को गंभीर मानते हुए केजीएमयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने उसी दिन पुलिस को तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। इससे विश्वविद्यालय से जुड़े सभी वर्गों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और लोग आरपार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं।

सोमवार को संभावित चिकित्सा सेवा बहिष्कार और आंदोलन को देखते हुए केजीएमयू परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। एलआईयू भी सक्रिय होकर लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है।

केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को कुलपति कार्यालय में गंभीर हंगामा, प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटना हुई, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज को सभी पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article