लखनऊ| उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में लंबे समय तक अपनी सशक्त, निष्पक्ष और कर्मठ कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मानवेन्द्र सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। आईएएस प्रोन्नत संवर्ग के अध्यक्ष रह चुके मानवेन्द्र सिंह ने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य करते हुए प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।हाल ही में उनकी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से हुई मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में खास अहमियत के साथ देखा जा रहा है। यह मुलाकात न केवल शिष्टाचार तक सीमित मानी जा रही है, बल्कि इसे उनके सक्रिय राजनीति में प्रवेश की मजबूत भूमिका के रूप में देखा जा रहा है।
मानवेन्द्र सिंह का पारिवारिक और सामाजिक आधार भी राजनीति से गहराई से जुड़ा रहा है। उनकी पत्नी मंजू सिंह स्वयं भाजपा की सक्रिय नेत्री हैं और जिला पंचायत सदस्य के रूप में जनप्रतिनिधित्व का अनुभव रखती हैं। वहीं उनके पिता स्वर्गीय गजेंद्र सिंह, प्रदेश के पूर्व मंत्री रहे, जिनका राजनीति में लंबा और प्रभावशाली कार्यकाल रहा है। ऐसे में मानवेन्द्र सिंह को प्रशासनिक अनुभव के साथ साथ राजनीतिक समझ भी विरासत में मिली है।
प्रशासन में दशकों की सेवा के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में जो पहचान बनाई, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी मानी जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि मानवेन्द्र सिंह सक्रिय राजनीति में उतरते हैं, तो उनका अनुभव और संतुलित दृष्टिकोण भाजपा के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकता है।कुल मिलाकर, प्रशासनिक कुशलता, पारिवारिक राजनीतिक विरासत और संगठन से बढ़ती नजदीकियों के बीच यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि मानवेन्द्र सिंह अब सार्वजनिक जीवन में एक नई भूमिका निभाने को तैयार हैं जहां वे नीति, अनुभव और जनसेवा के संकल्प के साथ राजनीति के मैदान में दो दो हाथ करते नजर आ सकते हैं।

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