मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (Mainpuri) में पुलिस ने फर्जी फर्मों का संचालन करके लगभग 25 करोड़ रुपये की GST चोरी के आरोप में दिल्ली के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस ने शनिवार को बताया कि उनके पास से चार मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 12 फर्जी जीएसटी फर्मों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि लगभग दो महीने पहले, कोतवाली सदर पुलिस स्टेशन में फर्जी फर्मों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। साइबर सेल की मदद से की गई जांच के दौरान पता चला कि दिल्ली के दो संदिग्धों ने फर्जी फर्मों के नाम पर धोखाधड़ी से जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किए थे और बड़े पैमाने पर कर चोरी की थी।
जांच के बाद, पुलिस ने गली नंबर 14, भट्टा रोड निवासी चंदन मिश्रा और गली नंबर 9, स्वरूप नगर, नई दिल्ली निवासी संजीत सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी साइबर एक्सपर्ट सरजू कुमार, महिपाल सिंह, जोगेंद्र चौधरी, मनोज कुमार और विपिन कुमार की टीम ने की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराने और करोड़ों रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी करने की बात कबूल की।
उन्होंने बताया कि वे नौकरी दिलाने के बहाने गरीब और भोले-भाले लोगों के आधार और पैन कार्ड जमा करते थे, उनके बैंक विवरण प्राप्त करते थे और फिर इन दस्तावेजों का इस्तेमाल जीएसटी पंजीकृत फर्मों को खोलने के लिए करते थे। इन फर्मों के माध्यम से फर्जी जीएसटी चालान और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे।
एसपी के अनुसार, चंदन मिश्रा फर्मों के लेखांकन और जीएसटी संबंधी कार्यों को संभालता था, जबकि संजीत सिंह फर्जी जीएसटी फर्मों की स्थापना के लिए स्थान और व्यवस्था करता था। अवैध रूप से प्राप्त धन का उपयोग वे अपने निजी खर्चों के लिए करते थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नगर) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि चंदन मिश्रा के खिलाफ मैनपुरी कोतवाली और ललितपुर में पहले से ही धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
उन्होंने बताया कि चंदन और संजीत एक गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और अब तक राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 150 फर्जी फर्मों का इस्तेमाल करके फर्जी जीएसटी और ई-वे बिल बना रहे थे। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कोटवाली में दर्ज जीएसटी चोरी के लगभग 25 करोड़ रुपये के मामलों में शामिल हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है। यह अभियान ग्रामीण एएसपी राहुल मिथास, नगर सीओ संतोष कुमार सिंह और कोटवाली प्रभारी फतेह बहादुर सिंह भदौरिया की देखरेख में चलाया गया।


