निर्दोष का गोरखपुर तबादला
लखनऊ| बिजली विभाग के भीतर चल रहे एक गंभीर और चौंकाने वाले फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसने पूरे महकमे में खलबली मचा दी है। एक उद्यमी को प्रताड़ित करने और बिजली कनेक्शन चालू न करने के दोषी जूनियर इंजीनियर को बचाने के लिए तीन वरिष्ठ इंजीनियरों ने बिना किसी जांच के पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल को फर्जी और भ्रामक रिपोर्ट भेज दी। इस पूरे फर्जीवाड़े को वाणिज्य इकाई के अधीक्षण अभियंता अनूप कुमार सिन्हा, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार और सहायक अभियंता प्रशांत कुमार गिरी द्वारा अंजाम दिया गया।
मामला दुबग्गा उपकेंद्र क्षेत्र का है, जहां एक उद्यमी ने मेसर्स एसए ट्रेडर्स के नाम से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि संबंधित जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार चौधरी के इशारे पर लाइनमैन ने उद्यमी को लंबे समय तक परेशान किया और कथित रूप से सुविधा शुल्क की मांग की। जब उद्यमी ने कथित अवैध मांग पूरी नहीं की तो खुन्नस में 6 दिसंबर को लाइन तो बना दी गई और मीटर भी लगा दिया गया, लेकिन मीटर का केबल एलटी लाइन से नहीं जोड़ा गया, जिससे कनेक्शन होते हुए भी बिजली चालू नहीं हो सकी।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि बिजली न चालू करने का दोषी जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार चौधरी ही था, लेकिन उसे बचाने के लिए विभागीय स्तर पर खेल कर दिया गया। दोषी को संरक्षण देने वालों ने दूसरे जूनियर इंजीनियर नितिन चौधरी को जिम्मेदार ठहराते हुए रिपोर्ट तैयार कर शीर्ष अधिकारियों को भेज दी। इसी फर्जी रिपोर्ट के आधार पर निर्दोष नितिन चौधरी का मध्यांचल निगम से पूर्वांचल निगम के गोरखपुर तबादला कर दिया गया, जबकि असली दोषी राजेश कुमार चौधरी खुलेआम मौज करता रहा।
इस फर्जीवाड़े की पोल खुलने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। अब पूरे प्रकरण की दोबारा जांच शुरू कर दी गई है। मुख्य अभियंता अमौसी जोन लखनऊ महफूज आलम ने बताया कि उद्यमी का बिजली कनेक्शन चालू न करने में जिस जूनियर इंजीनियर की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को पहले जो रिपोर्ट भेजी गई थी, वह बिना समुचित जांच के भेजी गई थी और अब सही तथ्यों के साथ नई रिपोर्ट उच्च स्तर पर प्रेषित की जाएगी। मामले ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






