फर्रुखाबाद: आठ वर्ष पुराने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म (kidnapping and rape of a minor) के मामले में अदालत (court) ने आरोपी को दोषी ठहराया है। मेराज अहमद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) प्रथम, फर्रुखाबाद ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी माना है। दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। अदालत द्वारा 12 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
राजेपुर थाना क्षेत्र निवासी एक ग्रामीण ने वर्ष 2017 में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में कहा गया था कि 9 मई 2017 को उसकी नाबालिग पुत्री सुबह करीब 9 बजे गांव के ही फूलचन्द्र उर्फ फुल्लू के घर गई थी, जिसके बाद वह लापता हो गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में फूलचन्द्र, उसकी पत्नी और बेटी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हालांकि विवेचना के दौरान इनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर विवेचक ने तीनों के नाम मुकदमे से निकाल दिए।
जांच आगे बढ़ने पर जनपद हरदोई के थाना मल्लावां क्षेत्र अंतर्गत बिरिया नजीरपुर गांव निवासी ऋषि कुमार का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। प्रस्तुत गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी ऋषि कुमार को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार दिया।
न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद 12 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में सख्ती और पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। पॉक्सो एक्ट के तहत दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है, जिसे लेकर अब सभी की निगाहें 12 जनवरी के फैसले पर टिकी हैं।


