कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से आई-पैक और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े आईटी कार्यालय में की गई छापेमारी पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा एतराज जताया है। ईडी की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे राजनीतिक उत्पीड़न करार दिया और आरोप लगाया कि जांच के नाम पर पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेज और रणनीति चुराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री की “स्क्रिप्ट” के तहत हो रही है, जबकि वही देश की सुरक्षा बनाए रखने में असफल साबित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी की टीम बिना किसी ठोस सुरक्षा व्यवस्था के पार्टी से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज जब्त कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान कुछ मामलों में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने विशेष रूप से एसआईआर (SIR) मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जानबूझकर नाम गायब किए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए बेहद खतरनाक है।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और उसकी जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे देश और लोकतंत्र के प्रति अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने कहा कि देश में एक साथ दो समानांतर प्रयास चल रहे हैं—एक ओर मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने की कोशिश और दूसरी ओर अवैध तरीके से संवेदनशील डेटा एकत्र किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए गंभीर खतरा करार दिया।
ममता बनर्जी ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें इस तरह की कार्रवाई की पहले से आशंका थी, इसी कारण पार्टी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण हार्ड डिस्क और जरूरी डेटा पहले ही सुरक्षित कर लिए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की जब्ती से पार्टी के आंतरिक कामकाज और रणनीति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका आईटी कार्यालय पहले भी निशाने पर रहा है और वह स्वयं मौके पर जाकर पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगी।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार की एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने और कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि तृणमूल कांग्रेस इस कथित राजनीतिक साजिश के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मजबूती से लड़ाई जारी रखेगी।

आई-पैक के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी, मौके पर पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुरुवार सुबह कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए राजनीतिक प्रबंधन का काम करने वाली एजेंसी आई-पैक (I-PAC) के कार्यालय और उसके मालिक प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 8 जनवरी की सुबह से लगातार जारी है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली से आई ईडी की विशेष टीम इस मामले में दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।
ईडी की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं। उनके साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा भी मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बाद पूरे इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। सुरक्षा के मद्देनजर आवास के बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
बताया जा रहा है कि यह छापेमारी पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित कोयला घोटाले से जुड़े धन शोधन के आरोपों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ईडी को संदेह है कि कोयला तस्करी से जुड़े अवैध पैसों का इस्तेमाल विभिन्न माध्यमों से किया गया और इसमें कुछ राजनीतिक व रणनीतिक संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इसी कड़ी में आई-पैक और प्रतीक जैन से जुड़े परिसरों की तलाशी ली जा रही है।
ईडी अधिकारी कार्यालय और आवास से दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य अहम साक्ष्य खंगाल रहे हैं। हालांकि एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा सकता है। छापेमारी और मुख्यमंत्री की मौजूदगी के चलते यह मामला राज्य की राजनीति में एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है।

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