जिम्मेदारों की लापरवाही से कल्पवासी, साधु-संत व व्यापारी नाराज, जिला प्रशासन से व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग
शमशाबाद, फर्रुखाबाद (नगर संवाददाता): ढाई घाट शमशाबाद (Dhai Ghat Shamshabad) की पवित्र गंगा नदी के तट पर सजने वाला ऐतिहासिक रामनगरिया मेला (Ramnagariya fair) इन दिनों पूरे शबाब पर है, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, साधु-संत और व्यापारी डेरा जमाए हुए हैं। लेकिन अफसोस, मेले के शुभारंभ के साथ ही अव्यवस्थाओं का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बीते दिवस शाम होते ही मेला क्षेत्र अंधेरे के साम्राज्य में डूब गया, क्योंकि जनरेटर नहीं चलाए गए।
जानकारी के अनुसार, शाम के बाद बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। मजबूरी में श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और व्यापारियों को अपने-अपने तंबुओं व खटलो में वैकल्पिक साधनों से उजाले की व्यवस्था करनी पड़ी। अंधेरे के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और खुद को असुरक्षित भी महसूस किया गया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व शाहजहांपुर एवं फर्रुखाबाद जनपद के प्रशासनिक अधिकारियों ने ढाई घाट शमशाबाद पहुंचकर रामनगरिया मेले की तैयारियों की समीक्षा की थी। इस दौरान अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित जिम्मेदारों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए थे। इसके अगले दिन कानपुर से आए पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों ने भी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट के साथ-साथ ढाई घाट शमशाबाद मेले का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि न तो आवागमन के लिए रास्ते ठीक हैं, न ही पेयजल और प्रकाश की समुचित व्यवस्था है। जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते मेले में अव्यवस्थाओं का आलम बना हुआ है। ढाई घाट शमशाबाद पहुंचे हमारे समाचार प्रतिनिधि से बातचीत में कई श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “अभी तो मेले की शुरुआत हुई है, अगर यही हाल रहा तो एक महीने तक ठहरना मुश्किल हो जाएगा।” कल्पवासियों ने कहा कि वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि वे मेले में क्रय-विक्रय के उद्देश्य से आए हैं, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते उनका व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो लंबे समय तक यहां टिक पाना कठिन होगा। उल्लेखनीय है कि ढाई घाट शमशाबाद की पवित्र गंगा नदी के तट पर सदियों से रामनगरिया का मेला लगता आ रहा है। इस मेले में फर्रुखाबाद सहित कन्नौज, कानपुर, औरैया, इटावा, शिकोहाबाद, मैनपुरी, आगरा, एटा, मथुरा, वृंदावन समेत कई जनपदों से श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी एक माह तक गंगा स्नान व पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
बताया जा रहा है कि शाहजहांपुर परिक्षेत्र में मेले की व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत बेहतर हैं, जबकि फर्रुखाबाद परिक्षेत्र में जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मेला फीका नजर आ रहा है। कई जिम्मेदार अपने दायित्वों के नाम पर खानापूर्ति करते दिखाई दे रहे हैं, जिसका खामियाजा श्रद्धालुओं, कल्पवासियों, व्यापारियों और साधु-संतों को भुगतना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप कर प्रकाश, पेयजल, सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाए, ताकि आस्था के इस महापर्व में किसी प्रकार की अनहोनी न हो।


