एलआईयू कर रही खतरे का गोपनीय सत्यापन
प्रयागराज| माघ मेले में प्रवास कर रहे करीब 150 साधु-संतों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए मेला पुलिस से व्यक्तिगत सुरक्षा की मांग की है। मेला पुलिस के अनुसार, सभी आवेदनों में बताए गए कारणों का गोपनीय सत्यापन कराया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) को सौंपी गई है। एलआईयू यह जांच कर रही है कि किन साधु-संतों को वास्तविक रूप से जान का खतरा है और किन मामलों में सुरक्षा आवश्यक है।
एलआईयू की रिपोर्ट के आधार पर अब तक लगभग 90 साधु-संतों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपलब्ध करा दी गई है, जबकि शेष आवेदनों पर रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलते ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में लगे 60 से अधिक शिविरों की सामान्य सुरक्षा के लिए पहले से ही होमगार्ड की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा में सात अपर पुलिस अधीक्षक, 14 क्षेत्राधिकारी, 29 इंस्पेक्टर, 221 उपनिरीक्षक, 15 महिला उपनिरीक्षक, 1593 सिपाही और 136 महिला सिपाही तैनात हैं। इसके अलावा पीएसी की पांच बाढ़ राहत कंपनियां और कानून-व्यवस्था के लिए सात पीएसी कंपनियां लगाई गई हैं। आपदा प्रबंधन के लिए दो एनडीआरएफ और एक एसडीआरएफ टीम, जबकि दंगा नियंत्रण के लिए दो आरएएफ कंपनियां और संपूर्ण मेला अवधि के लिए चार आरएएफ कंपनियां तैनात की गई हैं। आंतरिक सुरक्षा के लिए छह बीडीडीएस टीमें, दो एटीएस चेक टीमें और 78 एलआईयू कर्मी भी लगाए गए हैं।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए चार इंस्पेक्टर, 38 दरोगा, 381 यातायात मुख्य आरक्षी, 1088 होमगार्ड और 304 पीआरडी कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। निगरानी के लिहाज से शहर से लेकर मेला क्षेत्र तक कुल 1552 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें अकेले मेला क्षेत्र में 400 कैमरे शामिल हैं। निगरानी के लिए एक सेंट्रल कंट्रोल रूम, 16 महिला हेल्प डेस्क, 17 साइबर हेल्प डेस्क, 20 वॉच टावर और अग्नि सुरक्षा के लिए 761 फायरकर्मी तैनात किए गए हैं।
एसपी माघ मेला नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि अब तक करीब 90 साधु-संतों को गनर उपलब्ध कराए जा चुके हैं और अन्य आवेदनों की जांच एलआईयू द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद जरूरत के अनुसार सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि माघ मेले में श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती





