लखनऊ| चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीसीएसआई) के आसपास हवाई संचालन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है। हवाई अड्डे के चारों ओर संचालित मीट की दुकानों को हटाया जाएगा, साथ ही अवैध निर्माण, हवाई यातायात में बाधा बनने वाले पेड़ों और ऊंची इमारतों की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ये अहम निर्णय मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 स्थित सभागार में आयोजित हवाई अड्डा पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक में लिए गए।
बैठक में सीसीएसआई हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने मंडलायुक्त को अवगत कराया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी की भूमि पर कुछ लोग अवैध रूप से खेती कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में पक्षियों की संख्या बढ़ रही है। बड़ी संख्या में पक्षियों का उड़ना विमानों की टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इस पर मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी (पूर्वी) को निर्देश दिए कि उप जिलाधिकारी सरोजनीनगर के साथ संयुक्त टीम बनाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि हवाई अड्डे के आसपास मीट की तीन दुकानें बिना लाइसेंस के संचालित हो रही हैं, जो पक्षियों को आकर्षित कर हवाई सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं। इस पर अपर जिलाधिकारी (पूर्वी) को इन दुकानों को हटवाने के सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। बिजनौर रोड, बिजनौर तिराहा, रहीमाबाद और कानपुर रोड की ओर जाने वाले मार्गों पर कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे न केवल पर्यावरण बल्कि हवाई अड्डे की सुरक्षा पर भी असर पड़ रहा है। इसके अलावा हवाई अड्डे के पास दूरदर्शन टावर और हाई वोल्टेज बिजली के खंभों की ऊंचाई को लेकर चिंता जताई गई, क्योंकि ये हवाई पट्टी के संपर्क मार्ग में अवरोध उत्पन्न कर सकते हैं और विमान के सुरक्षित टेकऑफ व लैंडिंग के लिए संवेदनशील स्थिति पैदा कर रहे हैं।
निर्णय लिया गया कि हवाई अड्डे के 20 किलोमीटर के दायरे और रनवे के संपर्क मार्ग में स्थित सभी ऊंची इमारतों, टावरों और सीढ़ियों की ऊंचाई की जांच कराई जाएगी। साथ ही सभी टावरों और हाई वोल्टेज खंभों पर स्पष्ट इंडिकेटर लगवाना अनिवार्य किया जाएगा, ताकि पायलटों को दूर से ही उनकी स्थिति का संकेत मिल सके।
इसके अलावा एयरपोर्ट परिसर के चारों ओर पांच किलोमीटर के दायरे में लेजर लाइट के उपयोग और पतंग उड़ाने पर पहले से लगे प्रतिबंध के बावजूद पालन न होने पर चिंता जताई गई। प्रशासन ने इस पर सख्ती से नियम लागू कराने और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन सभी कदमों के जरिए प्रशासन का उद्देश्य हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित बनाना और यात्रियों के साथ-साथ विमान संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।





