राष्ट्रीय-राजनीतिक विषयों पर मंथन
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या स्थित हिंदू धाम, रामकोट में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल, वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार के आवास पर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक भेंट हुई। उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, राज्यसभा सांसद एवं उच्च सदन के सभापति लक्ष्मीकांत वाजपेई ने पहुंचकर विनय कटियार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच देश-प्रदेश की राजनीति, संगठनात्मक विषयों और समसामयिक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
विनय कटियार का नाम राम मंदिर आंदोलन के उन प्रमुख नेताओं में शुमार है, जिन्होंने कठिन दौर में आंदोलन को मजबूती देने का कार्य किया। अयोध्या में वर्षों तक चले संघर्ष के दौरान उनकी सक्रिय भूमिका रही, जिसके कारण वे आज भी हिंदुत्व और राष्ट्रवादी राजनीति के एक सशक्त प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में अयोध्या की धरती पर उनकी उपस्थिति और वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात को विशेष राजनीतिक महत्व के रूप में देखा जा रहा है।
मुलाकात के दौरान संगठन की वर्तमान स्थिति, भविष्य की रणनीति, जनसरोकारों से जुड़े विषय, राष्ट्र निर्माण में सांस्कृतिक मूल्यों की भूमिका तथा समकालीन राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श हुआ। सूत्रों के अनुसार, बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई, जिसमें अनुभव और विचारों का आदान-प्रदान केंद्र में रहा।
लक्ष्मीकांत वाजपेई, जो लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में संगठनात्मक मजबूती के लिए जाने जाते हैं, ने विनय कटियार के साथ पुराने संस्मरणों और आंदोलन के दौर की स्मृतियों को भी साझा किया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े विषय देश की राजनीति और समाज में विशेष स्थान रखते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह भेंट केवल शिष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी राजनीतिक और संगठनात्मक संकेत भी हो सकते हैं। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का इस प्रकार संवाद, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए भी संदेश देने वाला माना जा रहा है।





