शमशाबाद (फर्रुखाबाद): भारतीय किसान यूनियन (Bhakiyu) के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना के नेतृत्व में सोमवार को तहसील परिसर कायमगंज (Kaimganj) में किसानों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता बाबूराम पाल ने की, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत द्वारा किया गया।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली, रेल मंत्री भारत सरकार (बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली), मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ एवं जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को संबोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन उप जिलाधिकारी कायमगंज को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से किसानों की बदहाल आर्थिक स्थिति और सरकारी नीतियों से उत्पन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
किसानों की प्रमुख समस्याएं और मांगें
भाकिमयू नेताओं ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर है, लेकिन सरकार की गलत कृषि नीतियों के चलते किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई किसान बर्बादी के कगार पर पहुंचकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर हैं। सरकार को किसानों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
ज्ञापन में शमशाबाद स्थित ढाई घाट की पवित्र गंगा नदी का विशेष उल्लेख किया गया, जहां वर्षों से ऐतिहासिक रामनगरीय मेला आयोजित होता आ रहा है। इस मेले में हजारों साधु-संत, श्रद्धालु एवं कल्पवासी एक माह तक कल्पवास करते हैं। मांग की गई कि गंगा के दक्षिणी तट पर समतल भूमि, गहरे पानी में बैरिकेडिंग, हैंडपंप, महिलाओं के वस्त्र बदलने की व्यवस्था, शौचालय तथा सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराई जाए।
खाद, बिजली और कर्ज माफी की मांग
किसानों ने आरोप लगाया कि खाद के लिए जरूरतमंद किसानों से अंगूठा तो लगवा लिया जाता है, लेकिन सर्वर न होने की बात कहकर उन्हें भटकने पर मजबूर किया जाता है। मजबूरन किसानों को निजी केंद्रों से कालाबाजारी के तहत खाद खरीदनी पड़ रही है। मांग की गई कि इस समस्या का तत्काल समाधान कर सरकारी समितियों और केंद्रों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए।
बिजली आपूर्ति को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। बताया गया कि अक्सर शाम के समय बिजली गुल हो जाती है, जिससे गरीब मजदूर और किसान परिवारों को भारी परेशानी होती है। किसानों की मांग है कि दिन में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि वे फसलों की सिंचाई कर सकें। साथ ही गरीब किसानों के बिजली बिल माफ किए जाने की भी मांग उठाई गई।
कर्ज माफी और किसान सुरक्षा पर जोर
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश का गरीब किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। सरकार को कर्ज माफी कर किसानों को कर्ज मुक्त बनाना चाहिए। ऐसे अनेक किसान हैं जो कर्ज के मकड़जाल में फंसकर बर्बाद हो चुके हैं और कई ने आत्महत्या तक कर ली है। सरकार को कर्ज माफी के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर और संपन्न बनाना चाहिए।
किसान पंचायतों के लिए रेल यात्रा की चेतावनी
भाकिमयू ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि संगठन बिना टिकट ट्रेन यात्रा कर किसान पंचायतों में भाग लेने के लिए आगामी 9 जनवरी को वाराणसी रेलवे परिसर, 11 जनवरी को पुरी रेलवे परिसर (उड़ीसा) तथा 13 जनवरी को विक्टोरिया पार्क, कोलकाता जाएगा। यात्रा के दौरान यदि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार या अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। किसानों की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित किए जाने की मांग भी की गई।
इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना, रमेशचंद पाल, गंगाराम, मोतीलाल, पूजा देवी, नन्हेंलाल राजपूत, राजेश कुमार मिश्र, बृजेश कुमार, बाबूराम पाल, जगदीश सिंह राजपूत, रजनीश सिंह शाक्य, उषा देवी शाक्य सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


