फर्रुखाबाद। शहर के लालगेट क्षेत्र से होकर गंगानगर मोहल्ले के पीछे निकलने वाला लगभग 12 फीट गहरा नाला आज भी लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। यह नाला पूरी तरह खुला है और इसके आसपास किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां से गुजरने वाले पैदल राहगीर और बाइक सवार आए दिन इसमें गिरकर घायल हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर पालिका परिषद और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नाला मुख्य आवागमन वाले मार्ग के पास स्थित है, जिससे सुबह से देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। खासकर रात के समय और बारिश के दौरान यह नाला दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। कई बार बाइक सवार संतुलन बिगड़ने पर सीधे नाले में जा गिरे हैं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
नाले की एक और बड़ी समस्या जलभराव से जुड़ी हुई है। नाला भर जाने पर आसपास की सड़क पर गंदा पानी और मलबा बाहर आ जाता है, जिससे सड़क पर फिसलन हो जाती है। इससे न केवल आवागमन बाधित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
गंगानगर मोहल्ले में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चे घरों के बाहर खेलते रहते हैं। खुले नाले के कारण हर समय यह डर बना रहता है कि कहीं कोई बच्चा खेलते-खेलते नाले में न गिर जाए। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले को ढक दिया जाए या उसके चारों ओर मजबूत रेलिंग लगा दी जाए, तो किसी बड़े हादसे को रोका जा सकता है।
नगर पालिका परिषद की उदासीनता को लेकर लोगों में गहरा रोष है। उनका सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी और जानलेवा घटना के होने का इंतजार कर रहा है। लोगों का कहना है कि जब तक कोई गंभीर हादसा नहीं होता, तब तक संबंधित विभाग हरकत में नहीं आता, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि जल्द से जल्द इस नाले को सुरक्षित किया जाए। या तो इसे पूरी तरह ढकवाया जाए या कम से कम चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा रेलिंग लगाई जाए, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और इस गंभीर समस्या का समाधान करता है।




