मुंबई/लखनऊ।मुंबई के जुहू स्थित होटल अटलांटिका में साहित्य और पत्रकारिता के संगम का एक गरिमामय दृश्य देखने को मिला। महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार अभिलाष अवस्थी ने अपनी चर्चित पुस्तक “पीपल पर घोंसले नहीं होते” खरी कसौटी समाचार पत्र समूह के समूह संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार के. सी. विश्नोई को भेंट कर शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अभिलाष अवस्थी ने कहा कि के. सी. विश्नोई जैसे वरिष्ठ पत्रकारों ने निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता के मूल्यों को न केवल जिया है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए उसे आदर्श के रूप में स्थापित भी किया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के वर्तमान दौर में ऐसे अनुभवी और मूल्यनिष्ठ संपादकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
गौरतलब है कि अभिलाष अवस्थी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित पत्रिका धर्मयुग से उप-संपादक के रूप में की थी। पत्रकारिता के साथ-साथ वे एक सशक्त कवि, लेखक और विचारक के रूप में भी जाने जाते हैं। उनके समसामयिक लेख देश-भर की अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहते हैं, वहीं राजनीतिक विषयों पर आधारित उनका पॉडकास्ट हिंदी भाषी समाज में विशेष रूप से लोकप्रिय है।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया और लेखन जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मीडिया की बदलती भूमिका, चुनौतियों और पत्रकारिता की विश्वसनीयता जैसे अहम विषयों पर सार्थक चर्चा भी हुई।
सम्मान समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ईमानदार, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता आज भी समाज में सर्वोच्च सम्मान की अधिकारी है।

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