नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) का शीतकालीन सत्र (winter session) सोमवार से शुरू हो रहा है और गंभीर वायु प्रदूषण का मुद्दा प्रमुख विवाद का विषय बनने वाला है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राजधानी में वायु गुणवत्ता संकट के मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को घेरने का इरादा जताया है। आप के मुख्य सचेतक और बुराड़ी विधायक संजीव झा ने कहा कि प्रदूषण इस सत्र में पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि दिल्लीवासियों को पिछले तीन महीनों से खराब वायु गुणवत्ता का सामना करना पड़ रहा है, जिसे कुछ चिकित्सा विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य आपातकाल बताया है।
झा ने दावा किया, “बच्चों और बुजुर्ग सदस्यों वाले परिवारों को बार-बार अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।” उन्होंने कुछ अज्ञात विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि यह दिसंबर पिछले एक दशक में सबसे प्रदूषित महीना रहा है। झा ने सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए प्रदूषण के आंकड़ों में हेराफेरी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “प्रदूषण पर गंभीर कार्रवाई करने के बजाय, भाजपा सरकार खुद AQI डेटा में हेराफेरी कर रही है।” उन्होंने आगे दावा किया कि प्रदूषण मापने वाली मशीनों वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव करके कृत्रिम रूप से रीडिंग को कम किया जा रहा है, जो “दिल्ली के लोगों को गुमराह करने और मूर्ख बनाने” का प्रयास है।
आप विधायक ने राजनीतिक वादों के पालन पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान नवंबर और दिसंबर में स्वच्छ हवा की गारंटी दी गई थी, लेकिन स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा, “सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए,” और कहा कि आप विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद करती है।


