लखनऊ| हजरतगंज इलाके में अटल चौक पर बुधवार रात उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नशे में धुत एक दारोगा ने वर्दी की मर्यादा को तार-तार कर दिया। कार सवार दारोगा अमित जायसवाल ने ड्यूटी पर तैनात दारोगा को कुचलने का प्रयास किया और रोकने पर उन्हें करीब 70 मीटर तक कार से घसीटते हुए ले गया। इतना ही नहीं, मौके पर पहुंचे डीसीपी यातायात कमलेश दीक्षित से भी आरोपी ने अभद्रता की और वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर उसकी कार सीज कर दी है।
घटना बुधवार देर रात की है, जब नए साल के जश्न को लेकर हजरतगंज क्षेत्र में भारी भीड़ जुटी थी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अटल चौक पर डायवर्जन लागू किया गया था और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। इसी दौरान नशे की हालत में अपनी कार लेकर पहुंचे दारोगा अमित जायसवाल ने डायवर्जन में जबरन घुसने की कोशिश की। ड्यूटी पर तैनात दारोगा ने उसे कार किनारे लगाने को कहा, जिस पर आरोपी रौब झाड़ते हुए बहस करने लगा।
आरोप है कि आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए दारोगा को धक्का दिया और शीशा चढ़ाकर कार भगा ले गया। इस दौरान दारोगा कार में फंस गया और करीब 70 मीटर तक घसीटा गया। चौराहे पर मौजूद सिपाहियों ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने कार की रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी कुचलने का प्रयास हुआ। किसी तरह कार के आगे बैरियर लगाकर उसे रोका गया।
इसी बीच यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे डीसीपी यातायात कमलेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और कार रोकने का निर्देश दिया, लेकिन आरोपी ने उनसे भी अभद्रता शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी उतरवाने की धमकी देने लगा। हालात बिगड़ते देख डीसीपी के निर्देश पर आरोपी को जबरन कार से उतारकर जीप में बैठाया गया और हजरतगंज थाने भेजा गया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान अमित जायसवाल के रूप में हुई है, जो वर्तमान में बाराबंकी पुलिस लाइन में तैनात दारोगा है। कार की तलाशी लेने पर सामने से लेकर पीछे तक शराब की खाली और भरी बोतलें बिखरी मिलीं। गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म लगी थी और डैशबोर्ड के अंदर भी शराब की बोतलें और कांच के गिलास रखे हुए थे। पुलिस के अनुसार आरोपी अपनी पी-कैप भी कार में रखता था।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी कार सीज कर दी गई है। उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी कभी हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा तो कभी दोबारा अकड़ दिखाकर स्टाफ से उलझता रहा।
इस घटना ने एक बार फिर वर्दी में बैठे कुछ लोगों के गैर-जिम्मेदार व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस महकमे की साख को भी गहरा झटका दिया है।





