राजेपुर|ब्लॉक के चित्रकूट गांव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां चार ग्रामीणों के घरों में करीब पांच साल पहले बिजली कनेक्शन और मीटर तो लगा दिए गए, लेकिन आज तक बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। हैरानी की बात यह है कि बिजली नहीं मिलने के बावजूद विभाग की ओर से लगातार बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घरों में मीटर लगे हुए हैं, कनेक्शन भी दर्ज है, लेकिन मीटर से कभी बिजली नहीं आई। इसके बावजूद हर माह बिल थमा दिया जाता है, जिसे लेकर ग्रामीण खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
प्रभावित ग्रामीणों में लांगश्री पत्नी मौजीलाल ने बताया कि उनके घर में पांच साल पहले मीटर और कनेक्शन लगा दिया गया था, लेकिन आज तक एक बार भी बिजली नहीं आई। इसके बावजूद नियमित रूप से बिल भेजे जा रहे हैं। मोजी राम पुत्र जगदीश ने बताया कि उनके एक ही मकान में उनके और उनकी पत्नी लांगश्री के नाम पर दो-दो कनेक्शन कर दिए गए हैं। दोनों मीटर लगे हुए हैं, लेकिन दोनों में आज तक बिजली नहीं पहुंची।
इसी तरह परमेश्वरी पत्नी अहिवरन और फूलन देवी पत्नी रामवीर ने भी बताया कि उनके घरों में कनेक्शन हुए पांच साल बीत चुके हैं, लेकिन बिजली का इंतजार अब तक खत्म नहीं हुआ। बिल आते देख वे परेशान हैं और मजबूरी में विभाग के चक्कर काट रहे हैं। भानुमति पत्नी बुधपाल ने बताया कि उनके घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर बिजली का पोल लगा है, लेकिन पोल से उनके घर तक केबल नहीं डाली गई। उन्होंने कई बार कर्मचारियों से केबल डालकर मीटर से जोड़ने की मांग की, लेकिन आज तक मीटर में एक बार भी बल्ब नहीं जल सका।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के बिना जीवन बेहद कठिन हो गया है, जबकि कागजों में वे बिजली उपभोक्ता बने हुए हैं। इस मामले में राजेपुर बिजली उपकेंद्र के हरिओम सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि यदि बिजली बिल जमा नहीं किया गया तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब बिजली मिली ही नहीं, तो कनेक्शन काटने की बात करना विभाग की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।





