लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। सिपाही और जेल वार्डर भर्ती परीक्षा में अब निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से भर्ती नियमावली में मंजूरी दे दी गई है।
अब तक लागू व्यवस्था के तहत परीक्षा में गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाते थे, जिससे अभ्यर्थी कई प्रश्न छोड़ने को मजबूर हो जाते थे। लेकिन नए फैसले के बाद गलत जवाब पर कोई अंक नहीं कटेंगे, जिससे उम्मीदवार बिना डर के अधिक से अधिक प्रश्न हल कर सकेंगे।
अभ्यर्थी ज्यादा सवाल अटेम्पट कर पाएंगे,परीक्षा में आत्मविश्वास बढ़ेगा,और मेरिट लिस्ट में बेहतर प्रदर्शन की संभावना भी बढ़ेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से मेहनती अभ्यर्थियों को सीधा फायदा मिलेगा और चयन प्रक्रिया अधिक प्रतिस्पर्धात्मक और निष्पक्ष होगी।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
सरकार का कहना है कि यह निर्णय भर्ती प्रक्रिया को अभ्यर्थी हितैषी और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है। यूपी पुलिस जैसी बड़ी भर्ती में लाखों युवा शामिल होते हैं, ऐसे में नियमों का सरल और स्पष्ट होना जरूरी है।
अभ्यर्थियों में खुशी की लहर
फैसले की जानकारी सामने आते ही पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि निगेटिव मार्किंग के डर के कारण कई बार मेहनत के बावजूद सही प्रदर्शन नहीं हो पाता था, लेकिन अब वे अपनी पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दे सकेंगे।
कुल मिलाकर, यूपी सरकार का यह फैसला पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाली भर्तियों में प्रतिस्पर्धा और प्रदर्शन दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।





