लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण (conversion) के प्रयास से जुड़े मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है और इसकी रिपोर्ट महिला आयोग को भेज दी गई है।
जांच समिति का गठन, वरिष्ठ प्रोफेसरों को सौंपी जिम्मेदारी
KGMU प्रशासन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। जांच समिति के अध्यक्ष प्रो. के.के. सिंह को बनाया गया है। समिति में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. सुरेश कुमार को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा भी जांच समिति के सदस्य होंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले में आरोपी रेजिडेंट के साथ जुड़े संभावित मददगारों की पहचान की जा रही है। जांच समिति सभी तथ्यों, साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
महिला आयोग को भेजी गई रिपोर्ट
KGMU प्रशासन की ओर से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट महिला आयोग को भेज दी गई है। आयोग द्वारा प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या अवैध गतिविधि सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। KGMU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।


