51 इंजीनियर दोषी, पेंशन से करोड़ों की वसूली तय
लखनऊ| प्रदेश आवास विकास परिषद में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण के मामलों में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जांच में कुल 51 इंजीनियर दोषी पाए गए हैं। इनमें से सेवानिवृत्त 15 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई को परिषद की बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी गई है, जबकि शेष 36 इंजीनियरों के विरुद्ध जांच जारी है और जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। इन मामलों में परिषद को करीब पांच करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।
परिषद के सचिव नीरज शुक्ला ने बताया कि लखनऊ की वृंदावन योजना में जगत नारायण शुक्ला नामक व्यक्ति द्वारा फर्जी रिफंड लेने के कई मामले सामने आए हैं। इस प्रकरण की जांच अभी जारी है और कुछ अधिकारियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन में अनियमितता पाए जाने पर प्रभारी संपत्ति प्रबंधक डीके शुक्ला से 1 करोड़ 21 लाख 77 हजार 375 रुपये की क्षतिपूर्ति उनकी पेंशन से वसूली जाएगी। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी कन्हई प्रसाद से 70 हजार रुपये, वरिष्ठ सहायक केएन सिंह से 1 करोड़ 21 लाख 77 हजार 374 रुपये और कनिष्ठ लेखाधिकारी प्रमोद अग्रवाल से 9.70 लाख रुपये की वसूली पेंशन से की जाएगी।
इसी तरह आगरा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बीएसयूपी (बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पुअर) योजना में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का मामला सामने आया है। कालिंदी विहार योजना के द्वितीय पॉकेट में निर्मित 272 आवासों, सामुदायिक केंद्र और कियोस्क के निर्माण में गंभीर खामियां पाई गईं। आईआईटी रुड़की की जांच में घटिया निर्माण की पुष्टि हुई है। इस परियोजना पर कुल 5 करोड़ 25 लाख 55 हजार 589 रुपये खर्च किए गए थे।
जांच के बाद निर्माण से जुड़े पांच इंजीनियरों से इस राशि की वसूली का निर्णय लिया गया है। अवर अभियंता एसके सिंह भदौरिया से 1.58 करोड़ रुपये की वसूली उनकी पेंशन से 50 प्रतिशत कटौती के माध्यम से की जाएगी। सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता नासिर हुसैन फाजिली, सहायक अभियंता राजीव कुमार यादव और अवर अभियंता गजेंद्र पाल को भी दोषी पाया गया है, जिनकी पेंशन में 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी।
इसके अलावा सहायक अभियंता अनूप सचान त्रिपाठी और अवर अभियंता हरि शंकर सचान की पेंशन से छह वर्षों तक 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी। सहायक अभियंता अफसर अली की पेंशन से दो वर्षों तक पांच प्रतिशत कटौती होगी। वहीं विद्युत संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता, सहायक अभियंता डीसी शुक्ला और डीआर मौर्या, अधीक्षण अभियंता सीपी सिंह तथा अवर अभियंता यूसी मिश्रा की पेंशन से तीन वर्षों तक पांच प्रतिशत कटौती करने का निर्णय लिया गया है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद आवास विकास परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है। सरकार और परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गड़बड़ी और घटिया निर्माण के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों से नुकसान की पूरी भरपाई की जाएगी।





