18 C
Lucknow
Friday, January 23, 2026

एसबीआई फतेहगढ़ शाखा में ग्राहकों के साथ कथित धोखाधड़ी, बिना जानकारी बीमा व क्रेडिट कार्ड थोपने का आरोप

Must read

खाते से कट रही रकम, उपभोक्ताओं में भारी रोष

फर्रुखाबाद: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की फतेहगढ़ शाखा (Fatehgarh branch) में बैंकिंग कार्य से आने वाले ग्राहकों के साथ बिना जानकारी बीमा व क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया कर दिए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि ग्राहक किसी भी काम से बैंक जाते हैं—चाहे नया खाता खुलवाना हो, केवाईसी फॉर्म भरना हो या बैंक कर्मियों से किसी प्रकार की सहायता लेनी हो—उसी दौरान उनसे बिना स्पष्ट जानकारी दिए बीमा या अन्य सेवाएं जोड़ दी जाती हैं।

ग्राहकों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी तब होती है, जब उनके मोबाइल पर ₹1000 या उससे अधिक राशि कटने का मैसेज खाते से आने लगता है। अचानक खाते से रकम कटने पर ग्राहक हैरान-परेशान हो जाते हैं और बैंक पहुंचने पर उन्हें बताया जाता है कि उनके नाम पर बीमा कर दिया गया है।

ग्राहकों ने सवाल उठाया है कि जब एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का अलग कार्यालय आवास विकास में स्थित है, जहां केवल बीमा संबंधी कार्य किए जाते हैं और वहां कोई बैंकिंग कार्य नहीं होता, तो फिर बैंक शाखा के अंदर बीमा प्रक्रिया कैसे और क्यों की जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया बिना सहमति और बिना स्पष्ट जानकारी के की जा रही है, जो नियमों के खिलाफ है।

ग्राहकों ने बताया कि जब बीमा से संबंधित कोई समस्या आती है, तब उन्हें बैंक से आवास विकास स्थित एसबीआई लाइफ कार्यालय भेज दिया जाता है। इससे साफ है कि बैंक और बीमा कार्यालय की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। ऐसे में बैंक शाखा में ग्राहकों का बीमा किया जाना संदेह के घेरे में है।

पीड़ित ग्राहकों का कहना है कि यह एक सुनियोजित तरीका बन गया है, जिसमें खासकर नए खाताधारकों, केवाईसी कराने आए लोगों और अनपढ़ या कम जानकारी वाले ग्राहकों को निशाना बनाया जा रहा है। ग्राहक सहायता के नाम पर फॉर्म पर हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं और बाद में उन्हें बीमा का शिकार बना दिया जाता है।

मामले को लेकर ग्राहकों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था की साख पर भी सवाल खड़े करता है। ग्राहकों ने जिला प्रशासन, बैंक उच्चाधिकारियों और आरबीआई से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आम जनता का बैंक पर से विश्वास उठ जाएगा। अब देखना यह है कि बैंक प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित ग्राहकों को कब न्याय मिलता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article