19 C
Lucknow
Monday, February 9, 2026

ओडिशा में मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने चार उग्रवादियों को किया ढेर, शीर्ष माओवादी नेता उइके पर था 1.1 करोड़ रुपये का इनाम

Must read

भुवनेश्वर: ओडिशा (Odisha) के कंधमाल जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ (encounter) में मारे गए चार उग्रवादियों में वरिष्ठ माओवादी नेता गणेश उइके भी शामिल थे। राज्य में नक्सल-विरोधी अभियानों की देखरेख कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्य और ओडिशा में संगठन के शीर्ष नेता उइके पर 1.1 करोड़ रुपये का इनाम था।

यह मुठभेड़ कंधमाल जिले के चाकापद के वन क्षेत्र में हुई। हालांकि वह ओडिशा में सक्रिय थे, उइके मूल रूप से तेलंगाना के नालगोंडा जिले के पुल्लेमाला गांव के निवासी थे। माओवादी केंद्रीय समिति भूमिगत नक्सली संगठन की राजनीतिक और सैन्य रणनीति की देखरेख करती है, जो पार्टी के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय सैन्य आयोग के साथ मिलकर काम करती है। उग्रवाद-विरोधी अधिकारी उइके को विचारधारा और गुरिल्ला रणनीति दोनों में पारंगत एक महत्वपूर्ण नेता मानते हैं।

यह मुठभेड़ ओडिशा पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की संयुक्त टीमों द्वारा की गई, जिन्होंने विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर समन्वित अभियान चलाया।

अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई, जिसके परिणामस्वरूप 1 करोड़ रुपये से अधिक के इनाम वाले उइके की मौत हो गई। वह सीपीआई (माओवादी) की ओडिशा राज्य समिति के सचिव भी थे और इससे पहले छत्तीसगढ़ में संगठन के प्रवक्ता के रूप में कार्य कर चुके थे। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से दो महिलाओं सहित तीन माओवादियों के शव, दो इंसास राइफल और एक .303 राइफल बरामद की।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मंगलवार देर रात उसी वन क्षेत्र में एक और मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो माओवादी मारे गए थे। रात भर चले अभियान में मारे गए लोगों की पहचान छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिलों के निवासियों के रूप में हुई है। नवीनतम घटनाक्रम के साथ, चल रहे अभियान में मारे गए माओवादियों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है।

छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल अभियान), विवेकानंद सिन्हा ने यूएनआई को बताया कि लगभग 69 वर्षीय उइके माओवादी संगठन में एक प्रमुख व्यक्ति थे। उन्होंने कहा कि कंधमाल में उइके की मौजूदगी से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा माओवादी कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रखने का महत्व स्पष्ट होता है।

उनके शव के पास से एक एके-47 की मैगज़ीन बरामद हुई, जो माओवादी गुरिल्लाओं के पास मौजूद अत्याधुनिक हथियारों के स्तर को दर्शाती है। आगे की तलाशी में रिवॉल्वर, .303 राइफल, वॉकी-टॉकी और माओवादियों के दैनिक उपयोग की सामग्री सहित अतिरिक्त हथियार और उपकरण बरामद किए गए। मारे गए दो माओवादियों की पहचान सुकमा निवासी क्षेत्र समिति सदस्य बारी उर्फ ​​राकेश रायगड़ा और बीजापुर निवासी प्लाटून सदस्य अमृत के रूप में हुई है। इस पूरे अभियान की निगरानी डीआईजी (ऑपरेशन) और कंधमाल पुलिस अधीक्षक सहित ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बचे हुए माओवादी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी की संभावना को खत्म करने के लिए वन क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान जारी है। यह अभियान केंद्र सरकार द्वारा देश भर में माओवादी नेटवर्क को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे तीव्र प्रयासों के बीच हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार यह दोहराया है कि मार्च 2026 तक भारत से वामपंथी उग्रवाद का सफाया कर दिया जाएगा।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास और पुनर्वास उपायों को शामिल करने वाली रणनीति पर जोर दिया है। वरिष्ठ पत्रकार मनीष गुप्ता ने यूएनआई से बातचीत में कहा, “उइके जैसे वरिष्ठ माओवादी नेताओं का खात्मा इस लक्ष्य की ओर लगातार प्रगति को दर्शाता है, खासकर ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्र में, जिसे लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है।”

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article