बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich) में जंगली जानवरों का खौफ जारी है, क्योंकि आदमखोर भेड़िये (wolves) से जुड़ी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सरकार, जिला प्रशासन और वन विभागf (orest department) के बार-बार दावों के बावजूद, छोटे बच्चों पर हमले बेरोकटोक जारी हैं। ताजा घटना सोमवार तड़के फखरपुर थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव से सामने आई। एक संदिग्ध आदमखोर भेड़िये ने कथित तौर पर एक तीन वर्षीय बच्चे को उठा लिया, जब वह अपने घर के आंगन में अपनी मां के बगल में सो रहा था। बच्चा अभी तक लापता है और जिला अधिकारियों ने बच्चे का पता लगाने के लिए ड्रोन निगरानी शुरू कर दी है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मनोज का बेटा अंश अपनी मां के साथ सो रहा था, तभी भेड़िया चुपके से घर में घुस गया, अंधेरे का फायदा उठाया और अचानक बच्चे पर हमला कर दिया। अपने बेटे की चीखें सुनकर मां जाग गई और शोर मचाने लगी, लेकिन तब तक भेड़िया बच्चे को अपने जबड़ों में दबाकर पास के गन्ने के खेतों और झाड़ियों की ओर भाग चुका था।
शोर सुनकर ग्रामीण लाठियाँ लेकर मौके पर दौड़े, लेकिन उनके पहुँचने तक जानवर गायब हो चुका था। इस घटना से पूरे गाँव में दहशत और सदमा फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। ग्रामीणों की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। गन्ने के खेतों, झाड़ियों और आसपास के इलाकों में ड्रोन और थर्मल स्कैनिंग उपकरणों की मदद से तलाशी की जा रही है।
हालांकि, अभी तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला है। मंडल वन अधिकारी (डीएफओ) राम सिंह अपनी टीम के साथ स्वयं गाँव में मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मिले पदचिह्न और हमले के तरीके से भेड़िये की संलिप्तता का स्पष्ट संकेत मिलता है।


