लखनऊ| प्रदेश के कई बड़े शहरों में मानसिक तनाव और अवसाद गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत संचालित टेलीमानस काउंसलिंग की ट्रेंड रिपोर्ट में यह सामने आया है कि आगरा, लखनऊ, वाराणसी और बरेली के लोग बड़ी संख्या में मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं और मदद के लिए हेल्पलाइन का सहारा ले रहे हैं।
टेलीमानस काउंसलिंग ट्रेंड रिपोर्ट के अनुसार एक अप्रैल से 10 दिसंबर के बीच प्रदेश के 75 जिलों से कुल 2,07,486 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें सबसे अधिक 8,863 कॉल आगरा से दर्ज की गईं। इसके बाद लखनऊ से 5,488, वाराणसी से 4,662 और बरेली से 4,226 कॉल काउंसलिंग के लिए आईं। इसके अलावा फिरोजाबाद से 2,901, मुरादाबाद से 2,817, झांसी से 2,783, प्रयागराज से 2,773, बुलंदशहर से 2,726 और रामपुर से 2,406 कॉल दर्ज की गईं।
रिपोर्ट में सामने आया है कि कॉल करने वालों में आक्रामकता, आत्मक्षति के विचार, अनिद्रा, नकारात्मक सोच, फोबिया, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं प्रमुख रहीं। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. आशीष कुमार के अनुसार गोरखपुर, बरेली, वाराणसी और आगरा में टेलीमानस सेंटर स्थापित हैं, जहां प्रदेश भर से कॉल पहुंचती हैं। टेलीमानस सेवा पूरी तरह निशुल्क है और 24 घंटे, सातों दिन सक्रिय रहती है। विशेषज्ञ और प्रशिक्षित काउंसलर टोल फ्री नंबर 14416 और 18008914416 पर मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देते हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 55 फीसदी कॉल पुरुषों की ओर से की गईं, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी 43 फीसदी रही। वहीं 0.1 फीसदी ट्रांसजेंडर ने भी मानसिक तनाव की समस्या साझा की। आयु वर्ग के हिसाब से देखा जाए तो 18 से 45 वर्ष के युवाओं ने 76.9 फीसदी कॉल कीं। 46 से 64 वर्ष आयुवर्ग के 10.95 फीसदी, 13 से 17 वर्ष के 7.6 फीसदी और 12 वर्ष तक के बच्चों ने भी मानसिक तनाव से निजात के लिए संपर्क किया।
मनोचिकित्सकों के अनुसार युवाओं में बेरोजगारी, घरेलू विवाद और कार्यस्थल पर तनाव प्रमुख कारण हैं। कॉल करने वालों ने निराशा, उदासी, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, एकाकीपन और हिंसक विचारों की बात साझा की। विशेषज्ञों द्वारा मानसिक रूप से असहज महसूस होने पर परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने, सकारात्मक सोच अपनाने और जरूरत पड़ने पर परामर्श लेने की सलाह दी जा रही है।

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