अयोध्या| टीएमसी विधायक मदन मित्रा द्वारा भगवान राम को लेकर दिए गए विवादित बयान ने देश की राजनीति में नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। मदन मित्रा ने दो दिन पहले दावा किया था कि भगवान राम मुसलमान थे, जिसके बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कैसरगंज से पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या पहुंचकर इस बयान पर जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि देश के मुस्लिम सनातनी हैं और 10-15 प्रतिशत लोगों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश मुस्लिम भगवान राम की संतान हैं। बृजभूषण ने यह भी कहा कि तीन-चार पीढ़ी पहले तक सभी हिंदू ही थे।
पूर्व सांसद ने आगे कहा कि इस सृष्टि की शुरुआत मनु से मानी जाती है और परंपरा भगवान राम तक आती है। यदि कोई यह कहता है कि राम मुस्लिम थे, तो फिर यह भी मानना होगा कि वही लोग कभी हिंदू थे। उन्होंने मदन मित्रा के बयान को तर्कहीन बताते हुए हिंदू परंपराओं का अपमान करार दिया।
मदन मित्रा के बयान को लेकर भाजपा ने तीखा विरोध दर्ज कराया है और हिंदू धर्म के अपमान का आरोप लगाया है। दरअसल, मदन मित्रा ने बंगाली में दिए अपने एक भाषण में कहा था कि एक हिंदू साधु ने उन्हें बताया कि भगवान राम का उपनाम जेठमलानी था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई हिंदू इस पर विश्वास करेगा। भाजपा के विरोध पर मदन मित्रा ने पलटकर कहा कि उन्हें किसी से डर नहीं है और क्या भाजपा वाले उन्हें पीटेंगे।
विवाद बढ़ने के बीच पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने अपने विधायक के बयान से दूरी बना ली है। टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि पार्टी रामायण और अयोध्या के महत्व को भली-भांति जानती है और मदन मित्रा के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। इसी बीच यह दावा भी सामने आ रहा है कि मदन मित्रा के भाषण का वीडियो एआई से जनरेटेड हो सकता है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।






