— डॉ आशीष यादव
अक्सर 28 से 30 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते व्यक्ति को यह साफ महसूस होने लगता है कि जिस करियर की दिशा में वह अब तक आगे बढ़ रहा था, वह उसके स्वभाव, रुचि और क्षमताओं के अनुरूप नहीं है। ऐसी स्थिति में निराश होने के बजाय यह समय दोबारा सोचने और सही फैसला लेने का होता है। आज के दौर में करियर कोई एक बार तय हो जाने वाली चीज नहीं रह गया है। 35 से 40 साल की उम्र तक भी करियर को नई दिशा देना पूरी तरह संभव है, बशर्ते सही तैयारी की जाए।
स्व-मूल्यांकन से मिलेगी सही दिशा
यदि 25–26 वर्ष की उम्र तक आप अपने चुने हुए क्षेत्र में खुद को फिट नहीं पाते और काम बोझ लगने लगता है, तो 28–30 वर्ष की उम्र तक आते-आते इस गलती को सुधार लेना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है स्व-मूल्यांकन।
खुद से सवाल करें—
कौन-सा काम मुझे स्वाभाविक रूप से आकर्षित करता है?
मेरी वास्तविक ताकत क्या है?
किस तरह के काम में मुझे थकान नहीं बल्कि ऊर्जा महसूस होती है?
अगर इन सवालों के जवाब स्पष्ट न हों, तो आज उपलब्ध फ्री करियर असेसमेंट टेस्ट की मदद लेकर अपनी प्रवृत्ति और रुचि को समझा जा सकता है। इससे नई दिशा तय करना आसान हो जाता है।
जब यह अहसास हो कि अब तक का करियर आपके अनुकूल नहीं था, तो इसे असफलता मानने की जरूरत नहीं है। दरअसल, उस दौरान हासिल किया गया हर अनुभव आपके लिए एक एसेट है।
कम्युनिकेशन स्किल, अनुशासन, टीमवर्क, सीखने की गति और जिम्मेदारी जैसे गुण हर क्षेत्र में काम आते हैं। इन्हीं कौशलों के सहारे आप नए करियर में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।
28 या 30 साल की उम्र में करियर बदलने के लिए खुद को 9 से 18 महीने का समय देना चाहिए। इस अवधि में लक्ष्य साफ होना चाहिए कि आपको किस क्षेत्र में जाना है और वहां तक कैसे पहुंचना है।
इस उम्र में दोबारा लंबी डिग्री करने के बजाय शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स अधिक उपयोगी होते हैं। आज डिजिटल और आधुनिक अर्थव्यवस्था से जुड़े कई ऐसे कोर्स उपलब्ध हैं, जो 6 से 18 महीनों में नई स्किल्स सिखाकर आपको रोजगार के योग्य बना सकते हैं।
स्मार्ट नेटवर्किंग है बेहद जरूरी
करियर बदलने में नेटवर्किंग की भूमिका बहुत अहम होती है। इसके लिए लिंक्डइन जैसे प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म पर अपना प्रोफाइल तैयार करें और उसे नए लक्ष्य के अनुसार अपडेट करें।
जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, वहां के अनुभवी लोगों से जुड़ें, उनकी बातों को समझें और अपने छोटे-छोटे प्रोजेक्ट साझा करें। इससे न सिर्फ आपकी पहचान बनेगी, बल्कि सीखने के मौके भी मिलेंगे।
फ्रीलांसिंग से करें नई शुरुआत
अगर नया करियर चुनना ही है, तो नौकरी का इंतजार करने के बजाय फ्रीलांसिंग से शुरुआत करें। फ्रीलांस काम आपको अनुभव भी देता है और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
हालांकि, इसके लिए पहले से 6 से 9 महीने का वित्तीय बैकअप जरूर रखें, क्योंकि एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थापित होने में समय लग सकता है।
करियर बदलना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी भरा फैसला हो सकता है। सही समय पर आत्ममंथन, स्किल अपग्रेडेशन, नेटवर्किंग और धैर्य के साथ किया गया प्रयास आपको उस करियर तक पहुंचा सकता है, जहां काम बोझ नहीं बल्कि संतोष और सफलता देगा।

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