कोलकाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संघ को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “आरएसएस बढ़ेगा तो कई लोगों की दुकानें बंद हो जाएंगी। आरएसएस जैसा कोई दूसरा संगठन नहीं है।”
मोहन भागवत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संघ का कोई दुश्मन नहीं है और न ही संघ का कोई राजनीतिक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरएसएस को केवल बीजेपी के नजरिए से देखते हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि संघ का निर्माण किसी के विरोध में नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण के लिए किया गया है।
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि संघ निरंतर समाज सेवा, राष्ट्रहित और चरित्र निर्माण के कार्यों में लगा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जानबूझकर आरएसएस के बारे में गलत जानकारी फैलाते हैं, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।
मोहन भागवत ने जोर देकर कहा कि संघ का कार्य किसी व्यक्ति, दल या विचारधारा के खिलाफ नहीं है। आरएसएस का उद्देश्य समाज में समरसता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना है।
संघ प्रमुख के इस बयान को मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक माहौल में काफी अहम माना जा रहा है। कोलकाता में दिए गए इस वक्तव्य के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।





