कानपुर। मेहनत कभी व्यर्थ नहीं होती, व्यर्थ होती है तो केवल व्यक्ति की सोच। पैसे के पीछे भागने के बजाय यदि इंसान अपनी लकीर बड़ी करने पर ध्यान दे, तो सफलता निश्चित रूप से उसके कदम चूमती है। क्योंकि जब सफलता आती है, तो पैसा अपने आप पीछे-पीछे चलता है और ऐश्वर्य उसी का स्थायी साथी बन जाता है।
यह विचार कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने यूथ इंडिया के मुख्य संपादक शरद कटियार से हुई विशेष बातचीत के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि सही दिशा में अपनी ऊर्जा लगाए और धैर्य के साथ मेहनत करे, तो सफलता केवल सपना नहीं रहती, बल्कि वास्तविकता बन जाती है।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग दूसरों से तुलना करने लगते हैं। किसी की तरक्की देखकर जलन पैदा होती है और उसी जलन में अपनी पूरी ऊर्जा दूसरों की लकीर मिटाने में खर्च कर दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी ऊर्जा केवल ईर्ष्या पैदा करती है, भविष्य नहीं बनाती।
उन्होंने कहा कि इसके ठीक उलट, जो लोग अपनी ऊर्जा खुद को बेहतर बनाने, सीखने और निर्माण में लगाते हैं, वही आगे चलकर पहचान बनाते हैं। अपनी लकीर लंबी करने में लगाई गई मेहनत सृजन का रूप लेती है और यही सृजन व्यक्ति को समाज में अलग स्थान दिलाता है।
बातचीत के दौरान रमेश अवस्थी ने यह भी कहा कि जो लोग शांत रहकर, बिना शोर किए लगातार मेहनत करते हैं, वही एक दिन सफलता के मोती की तरह चमकते हैं—शांत, लेकिन सबसे अलग। सफलता कभी अचानक नहीं आती और न ही वह शोर मचाती है, बल्कि समय आने पर अपने आप बोलती है।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि तुलना छोड़ें, जलन छोड़ें और निर्माण पर ध्यान दें। राजनीति हो या सामान्य जीवन, टिकाऊ सफलता वही पाता है जो खुद को तराशता है, न कि वह जो दूसरों को गिराने में लगा रहता है।
इस अवसर पर यूथ इंडिया के मुख्य संपादक शरद कटियार ने कहा कि आज के दौर में ऐसे सकारात्मक और स्पष्ट विचार युवाओं के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि मेहनत, सोच और सृजन की बात करते हैं, तो यह समाज को सही दिशा देने का कार्य करता है और युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करता है।


