नई दिल्ली| खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में निर्धारित स्थल पर लैंड नहीं कर सका। सुरक्षा प्रोटोकॉल और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट ने एहतियातन हेलीकॉप्टर को वापस कोलकाता एयरपोर्ट की ओर मोड़ने का फैसला लिया। इस अप्रत्याशित स्थिति के चलते प्रधानमंत्री की नादिया में प्रस्तावित रैली निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी, जिससे कार्यक्रम में देरी हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नादिया क्षेत्र में अचानक दृश्यता काफी कम हो गई थी। मौसम विभाग के अनुसार कोहरे और नमी के कारण हवा में धुंध की स्थिति बनी हुई थी, जिससे हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं हो पाई। पायलट ने उड़ान के दौरान हालात का आकलन करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए लैंडिंग रद्द करने का निर्णय लिया। नियमों के तहत खराब विजिबिलिटी में हेलीकॉप्टर का उतरना जोखिम भरा माना जाता है, ऐसे में वापस लौटना ही सबसे सुरक्षित विकल्प था।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नादिया में एक जनसभा को संबोधित करना था, जहां बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत और संबोधन के लिए एकत्रित थे। हेलीकॉप्टर के न पहुंच पाने के कारण कार्यक्रम स्थल पर इंतजार का माहौल बना रहा। बाद में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू किया।
खबर है कि मौसम की स्थिति सामान्य न होने पर प्रधानमंत्री मोदी को कोलकाता से नादिया के लिए सड़क मार्ग से रवाना किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन इस विकल्प पर पूरी तैयारी के साथ जुटे हुए हैं, ताकि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुरक्षित रूप से संपन्न कराया जा सके।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान मौसम और सुरक्षा से जुड़े मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। खराब दृश्यता की स्थिति में उड़ान या लैंडिंग का निर्णय पूरी तरह पायलट और तकनीकी टीम के आकलन पर निर्भर करता है। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वीवीआईपी मूवमेंट में समय से ज्यादा सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।




