लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) का 21वां दीक्षा समारोह शनिवार को भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें मेधावियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और डिग्रियां प्रदान कीं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एमबीबीएस छात्रा तनुश्री सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित हीवेट गोल्ड मेडल सहित कुल छह गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इसके अलावा उन्हें दो सिल्वर मेडल और बुक प्राइज भी प्रदान किया गया। वहीं, एमबीबीएस के मेधावी छात्र मयंक सुहाग को चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया। मयंक को दो अन्य गोल्ड मेडल, बुक प्राइज और सर्टिफिकेट भी मिले।
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने जानकारी दी कि बीडीएस टॉपर शिवांगी सिंह को डॉ. एचडी गुप्ता, डॉ. एमएन माथुर और केजीएमयू गोल्ड मेडल (डॉ. अनिल चंद्रा) सहित तीन सिल्वर मेडल और दो सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। वहीं हर्षिता यादव को डॉ. गोविल गोल्ड मेडल के साथ चार अन्य गोल्ड मेडल, दो सिल्वर मेडल और एक सर्टिफिकेट से नवाजा गया।
कुलपति ने बताया कि इस बार भी पदकों के मामले में छात्राओं ने छात्रों को पीछे छोड़ दिया है। कुल 81 मेधावियों को 90 पदक दिए जा रहे हैं, जिनमें 33 छात्र और 48 छात्राएं शामिल हैं। समारोह में कुल 2,441 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 1,224 छात्र और 1,217 छात्राएं हैं। इसके अलावा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अजय कुमार सूद को मानद उपाधि प्रदान की गई।
समारोह के दौरान कई मेधावियों ने अपनी सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों के योगदान को याद किया। बीडीएस टॉपर शिवांगी सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार की पहली डॉक्टर बन रही हैं और इसमें परिवार के साथ-साथ केजीएमयू के शिक्षकों का मार्गदर्शन अहम रहा। वहीं हर्षिता यादव ने कहा कि पिता की प्रेरणा और शिक्षकों के सहयोग से वह इस मुकाम तक पहुंच सकीं। मयंक सुहाग ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के निरंतर सहयोग और प्रेरणा को दिया।
दीक्षा समारोह में मेधावियों की उपलब्धियों ने न केवल उनके परिवारों को गर्व से भर दिया, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में केजीएमयू की मजबूत शैक्षणिक परंपरा को भी एक बार फिर उजागर किया।

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