आगरा| आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात घने कोहरे के कारण बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। थाना डौकी क्षेत्र अंतर्गत एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 14.200 पर लखनऊ से आगरा की ओर जा रही चार कारें आपस में टकरा गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी कार सवार को चोट नहीं आई। हालांकि, चारों कारें क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिस के अनुसार, हादसे की शुरुआत उस समय हुई जब नई दिल्ली के मयूर विहार फेस-वन, थाना तिलकपुरी ब्लॉक-26 निवासी गोलू पुत्र पप्पू अपनी कार से आगरा की ओर जा रहे थे। घना कोहरा होने के कारण दृश्यता बेहद कम थी, जिससे उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए।
इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी कार, जिसे प्रतापगढ़ जिले के पूरे मुस्तफा, थाना कोतवाली देहात निवासी तौफीक पुत्र अनीस अहमद चला रहे थे, आगे खड़ी क्षतिग्रस्त कार को देखकर अचानक ब्रेक लगाने पर संतुलन खो बैठी। कार में चालक सहित कुल पांच लोग सवार थे, जो प्रतापगढ़ से नई दिल्ली जा रहे थे। कार को साइड से बचाने के प्रयास में यह तीसरी कार से टकरा गई, जिससे दोनों कारें मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।
तीसरी कार को बिहार के पटना जनपद के सिटी धवलपुरा चलनीपार, थाना बाईपास निवासी बादल कुमार पुत्र प्रमोद शाह चला रहे थे। इस कार में उनके साथ तीन अन्य लोग भी सवार थे। अचानक ब्रेक और टक्कर के चलते पीछे से आ रही चौथी कार भी उनसे टकरा गई, जिससे हादसे का दायरा बढ़ गया।
घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी प्रथम सोवरन सिंह ने क्षतिग्रस्त कारों को तत्काल एक्सप्रेसवे से हटवाया, जिसके बाद कुछ ही देर में यातायात सामान्य करा दिया गया। पुलिस ने बताया कि घना कोहरा हादसे की मुख्य वजह रहा, क्योंकि दृश्यता बेहद कम होने से वाहन चालकों को आगे की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाया।
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के मौसम में एक्सप्रेसवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें, फॉग लाइट का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।




