लखनऊ| प्रदेश में लगातार बढ़ रही ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों के हित में अहम निर्णय लिया है। शीतलहर के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के लगभग सभी जिलों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा आठ तक संचालित परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के समय में बदलाव कर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य सुबह के समय पड़ने वाली अत्यधिक ठंड से बच्चों को राहत देना और उनके स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है। नए आदेशों के अनुसार अब विद्यालय प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संचालित होंगे।
बलरामपुर, श्रावस्ती सहित कई जिलों के जिलाधिकारियों ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में समय परिवर्तन का फैसला एहतियातन लिया गया है। इस आदेश के दायरे में सरकारी परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय भी शामिल किए गए हैं, जिससे किसी तरह का भेदभाव न हो और सभी छात्रों को समान सुविधा मिल सके।
बलरामपुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ल ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि संशोधित समय-सारिणी की जानकारी तत्काल प्रभाव से विद्यालयों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि प्रधानाध्यापक और शिक्षक यह सुनिश्चित करें कि समय परिवर्तन की सूचना बच्चों और उनके अभिभावकों को समय रहते मिल जाए। इसके लिए विद्यालयों के नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा करने के साथ-साथ कक्षा शिक्षकों, अभिभावक बैठकों और व्हाट्सएप ग्रुप जैसे माध्यमों का भी उपयोग किया जाए।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि समय परिवर्तन के दौरान पठन-पाठन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहनी चाहिए और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि सीमित समय में पाठ्यक्रम को संतुलित ढंग से संचालित किया जाए। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मौसम की स्थिति सामान्य होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी और यदि ठंड और बढ़ती है तो आगे और भी कड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। जिला प्रशासन की इस पहल को अभिभावकों ने राहत भरा कदम बताया है, जिससे बच्चों को सर्दी के मौसम में सुरक्षित माहौल मिल सकेगा।






