26 C
Lucknow
Tuesday, February 10, 2026

मनरेगा का नाम बदलने की तैयारी

Must read

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) का नाम बदलने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में सरकार की ओर से संसद में नया विधेयक पेश किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन किए जाने की बात कही गई है।

सरकार का तर्क है कि नाम परिवर्तन के साथ योजना के स्वरूप को और व्यापक बनाया जाएगा तथा रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूत किया जाएगा। वहीं विपक्ष ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है।

देश में मनरेगा के तहत करीब 14 करोड़ जॉब कार्ड जारी हैं, हर वर्ष औसतन 5 से 6 करोड़ परिवार योजना से रोजगार पाते हैं, कानून के तहत 100 दिन रोजगार की गारंटी का प्रावधान, बीते पांच वर्षों में औसतन 50 से 55 दिन का ही रोजगार मिल सका, उत्तर प्रदेश में औसतन 50–52 दिन रोजगार मिला,वर्तमान में मनरेगा की औसत दैनिक मजदूरी ₹230 से ₹370 के बीच (राज्यवार अलग-अलग)

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत, रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाने, कार्य की गुणवत्ता सुधारने

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी,आजीविका के अवसर तैयार करने

पर जोर दिया जाएगा। नाम परिवर्तन इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा बताया जा रहा है।

विपक्षी दलों ने नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि

नाम बदलने से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी, रोजगार की गारंटी पहले लागू होनी चाहिए,महात्मा गांधी का नाम हटाना अनुचित है

विपक्ष ने संसद के भीतर और बाहर विरोध दर्ज कराने की रणनीति बनाई है।

मनरेगा का नाम बदलने का प्रस्ताव राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। जहां सरकार इसे सुधार और विस्तार की दिशा में कदम बता रही है, वहीं विपक्ष रोजगार, भुगतान और कार्यदिवस जैसे मूल मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर संसद में तीखी बहस के आसार हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article