फर्रुखाबाद । एशिया की सबसे अधिक राजस्व देने वाली आलू मंडी सातनपुर में इन दोनों आलू का मेला जैसा लगा हुआ है दाम कम होने के बावजूद भी अधिक से अधिक लोग आलू की खुदाई करके बेचना चाहते हैं क्योंकि आने वाली फसल की भी चिंता होने सताने लगी है।
हर वर्ष की बात इस वर्ष भी क्षेत्र में आलू की खुदाई शुरू होने के बाद से लगातार दामों में गिरावट के कारण किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
जो आलू पिछले सप्ताह में काफी ठीक दामों में बिक रहा वह आलू अब 261 से 321 रुपए प्रति पैकेट में बिकने से बहुत ही दयनीय स्थिति में पहुंच गया है।
किसानों ने आलू से क्या क्या सपने संजोए थे मंदी की ऐसी दशा देख वे सब धूमिल हुए दिखाई पड़ रहे हैं कुछ लोगों ने बताया कि अब शादी व्याह, मकान आदि सभी काम रोकने पड़ेंगे ।सातनपुर मंडी में आज आलू की आमद 125 मोटर रही।
आलू किसान का कहना है कि मध्य में आलू भेजना पड़ रहा है मगर इस कारण से दूसरी फसलों का विलंब क्यों हो इसलिए अधिक से अधिक आलू की खुदाई करके उसे बेचने को प्राथमिकता दी जा रही है अगली फसल गेहूं व दोबारा आलू की फसल की बुवाई के लिए मजबूरी में खुदाई करनी पड़ रही है भले ही दाम अपेक्षा के अनुरूप तो दूर अपेक्षा से कम भी नहीं आ रहे हैं।


