नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर गांधी परिवार का जोरदार बचाव करते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला सिर्फ गांधी परिवार को परेशान करने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जा रहा है और आरोपों का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है।
खरगे ने कहा कि इस मामले में आज तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस का नारा ‘सत्यमेव जयते’ है और पार्टी न्यायालय के किसी भी निष्पक्ष फैसले का सम्मान करेगी, लेकिन बिना एफआईआर के कार्रवाई करना कानून के विरुद्ध है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मूल अपराध ही दर्ज नहीं है, तो पीएमएलए के तहत कार्रवाई कैसे वैध हो सकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष की यह प्रतिक्रिया दिल्ली की एक अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की अभियोजन शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार करने के बाद आई है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अनुसूचित अपराध के लिए एफआईआर के अभाव में पीएमएलए के तहत कार्रवाई मान्य नहीं मानी जा सकती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईडी की शिकायत भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर निजी शिकायत और वर्ष 2014 में पारित समन आदेश पर आधारित है, न कि किसी विधिवत दर्ज एफआईआर पर।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा कि निजी शिकायत पीएमएलए के तहत एफआईआर की वैधानिक आवश्यकता का विकल्प नहीं हो सकती। मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, यंग इंडियन, डॉटैक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य के नाम शामिल हैं।
खरगे ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों का इस तरह राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और कांग्रेस पार्टी इसका मजबूती से विरोध करती रहेगी।




