मेरठ।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर आज वेस्ट यूपी बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद का असर मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के 22 जिलों में देखने को मिलेगा, जहां बाजार, न्यायालय और अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियां बंद रहेंगी। आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलने के कारण क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहने की संभावना है।
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वेस्ट यूपी में पिछले करीब 50 वर्षों से संघर्ष चल रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और यहां से सबसे अधिक मुकदमे होने के बावजूद अब तक हाईकोर्ट बेंच नहीं मिल पाई है। इसी मांग को लेकर आज से आंदोलन को और तेज किया जा रहा है।
इस बंद को 500 से अधिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें व्यापारिक संगठन, सामाजिक संस्थाएं, डॉक्टर, अधिवक्ता संगठन, किसान संगठन और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हैं। संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है।
बंद के चलते वेस्ट यूपी के अधिकांश जिलों में बाजार पूरी तरह बंद रहने की संभावना है। वहीं, अधिवक्ता संगठनों के समर्थन के कारण न्यायालयों में न्यायिक कार्य ठप रहेगा। इससे आम वादकारियों को परेशानी हो सकती है।
आंदोलन को धार देने के लिए 30 से अधिक वाहनों में सवार प्रदर्शनकारी शहर में भ्रमण करेंगे। इस दौरान हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर नारेबाजी और जनजागरण किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बंद और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर आज का वेस्ट यूपी बंद आंदोलन के इतिहास में एक अहम दिन माना जा रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।




