– पुश्तैनी जमीन कब्जाने के बाद चबूतरे पर भी कब्जे की कोशिश, ट्रैक्टर से रौंदने का आरोप
कमालगंज (फर्रुखाबाद): एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ गांवों में बेबस बुजुर्ग महिलाएं दबंगों के आतंक के आगे असहाय नजर आ रही हैं। कमालगंज थाना क्षेत्र के श्रृंगी रामपुर गांव में दबंगों (Bullies) के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक विधवा बुजुर्ग महिला (elderly widow) और उसके दिव्यांग बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने ट्रैक्टर से रौंदकर मार डालने का प्रयास किया, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। और पुलिस दबंग के पक्ष में ही फैसला सुना देती।
पीड़िता किस्मती देवी पत्नी स्वर्गीय संतोष दुबे, गांव में अपने दिव्यांग पुत्र संदीप दुबे के साथ रहती हैं। आरोप है कि गांव के ही जितेंद्र तिवारी, सत्येंद्र तिवारी (पुत्रगण रामानंद तिवारी), प्रवीण तिवारी, सनातन तीर्थ, मोनू मिश्रा (पुत्र रमन मिश्रा), कल्पनाथ तिवारी (पुत्र मनोज तिवारी) सहित कई लोग एक राय होकर पहले उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर चुके हैं, अब रही-सही चबूतरे की जमीन पर भी जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़िता के अनुसार, जब किस्मती देवी और उनका दिव्यांग बेटा संदीप इसका विरोध करने पहुंचे तो दबंगों ने न केवल गाली-गलौज और मारपीट की, बल्कि ट्रैक्टर चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश की। किसी तरह जान बचाकर मां-बेटा वहां से निकले। आरोप है कि इसी दौरान संदीप दुबे का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
किस्मती देवी बताती हैं कि उनके तीन बेटों में से रजनीश दुबे और शेखर दुबे नोएडा में रहते हैं, जबकि दिव्यांग बेटा संदीप ही गांव में उनके साथ है। दबंग लगातार संदीप को खेत जाते समय मार डालने की धमकी दे रहे हैं, जिससे मां-बेटा हर पल डर के साये में जी रहे हैं। बुजुर्ग महिला की बड़ी बेटी पूजा तिवारी की शादी हो चुकी है, जबकि चांदनी और मधु दबंगों की छेड़खानी और बदनामी के डर से गांव छोड़कर नोएडा में रहने को मजबूर हो गईं। पीड़िता का कहना है कि इससे पहले भी दबंगों ने उनकी बेटियों के साथ अभद्रता की थी, लेकिन शर्म और समाज के डर से परिवार चुप रहा।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंगों के हौसले इसलिए और बढ़े हुए हैं क्योंकि जितेंद्र तिवारी का बड़ा भाई रिटायर्ड दरोगा है, जबकि मोनू मिश्रा के चाचा मदन मिश्रा भी दरोगा हैं। आरोप है कि इन्हीं रिश्तों और चौकी स्तर के दलालों के कारण पुलिस उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। पीड़िता ने बताया कि विवादित जमीन उनके जेठ रामशरण त्रिवेदी द्वारा 7 अप्रैल 2011 को वसीयत के जरिए दी गई थी, इसके बावजूद दबंग लगातार कब्जे की कोशिश कर रहे हैं।
बुजुर्ग किस्मती देवी ने पुलिस अधीक्षक आरती सिंह से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता। यह घटना महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ सरकार बेटियों की सुरक्षा और महिलाओं के सम्मान के लिए योजनाएं चला रही है, तो दूसरी तरफ एक विधवा बुजुर्ग महिला और उसका दिव्यांग बेटा दबंगों के आतंक में जीने को मजबूर हैं।


