मेरठ।  पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर वकीलों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मेरठ जिला न्यायालय में वकीलों ने पूर्ण हड़ताल कर सभी अदालतों का कार्य बंद करा दिया। न्यायिक कार्य ठप रहने से बड़ी संख्या में वादकारी परेशान नजर आए।
हड़ताल के दौरान बार सभागार में वकीलों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुकदमों की संख्या अत्यधिक होने के बावजूद अब तक हाईकोर्ट बेंच का न होना न्याय के अधिकार का हनन है।
वकीलों ने ऐलान किया कि 17 दिसंबर को वेस्ट यूपी के 22 जिलों में पूर्ण न्यायिक बहिष्कार किया जाएगा। इस आंदोलन को 500 से अधिक सामाजिक, व्यापारिक और अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त हो चुका है, जिससे आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है।
बार पदाधिकारियों के अनुसार, आंदोलन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, सांसद और विधायक भी शामिल होंगे, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ने की संभावना है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को न्याय सुलभ होगा, समय और धन की बचत होगी तथा न्याय व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

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