लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटरों की स्थिति को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक (DG Health) ने अदालत के समक्ष वेंटिलेटरों से संबंधित विस्तृत ब्योरा पेश किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाते हुए कहा प्रदेश के किस अस्पताल में कितने वेंटिलेटर उपलब्ध हैं, कितने वेंटिलेटर चालू हालत में हैं, और वास्तविक आवश्यकता कितनी है,कोर्ट ने इन सभी बिंदुओं पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी देने के निर्देश दिए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से अदालत को बताया गया कि प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटरों की संख्या, उनकी स्थिति और उपयोग से संबंधित विवरण तैयार किया गया है, जिसे रिकॉर्ड में प्रस्तुत किया गया।
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि मरीजों के जीवन से जुड़ा यह विषय अत्यंत संवेदनशील है।अदालत ने इस प्रकरण में अगली सुनवाई जनवरी माह में निर्धारित की है।सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटरों की उपलब्धता और आवश्यकता को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती से यह उम्मीद जताई जा रही है कि स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


